अपनी कड़ी मेहनत से पहले प्रयास में IPS और दूसरे प्रयास में ही बनें IAS, जानें योगेश पाटिल ने ऐसे पाई कामयाबी

सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। हर साल लाखों लोग इस परीक्षा में बैठते हैं लेकिन कुछ ही उम्मीदवार अपने सपनों को हकीकत में बदलने में कामयाब होते हैं। ऐसी ही कहानी है महाराष्ट्र के रहने वाले योगेश पाटिल की, जिन्होंने दो बार परीक्षा दी और दोनों बार सफल हुए।

 

योगेश पाटिल पुणे, महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद योगेश ने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा क्षेत्र में प्रवेश करने का मन बना लिया था। इसके लिए उन्होंने अच्छी रणनीति के साथ पढ़ाई भी शुरू कर दी थी। योगेश ने वर्ष 2018 में सिविल सेवा परीक्षा का पहला प्रयास दिया था। योगेश ने अपने पहले प्रयास में 201 रैंक हासिल की थी। इसी रैंक के तहत उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ था। हालांकि योगेश हमेशा से आईएएस ऑफिसर बनना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। आखिरकार, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के कारण, वर्ष 2019 में सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे प्रयास में योगेश ने 63वीं रैंक हासिल की थी।

 

सिविल सेवा परीक्षा को लेकर लोगों में यह धारणा है कि इस कठिन परीक्षा को पहले प्रयास में पास नहीं किया जा सकता है। वहीं योगेश का कहना है कि सफलता या न मिलना आपकी रणनीति और मेहनत पर निर्भर करता है. साथ ही योगेश का मानना ​​है कि इस परीक्षा में सफल होने के लिए आपकी पृष्ठभूमि और आपकी भाषा कोई मायने नहीं रखती। बस सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा चुनी गई भाषा में पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।

 

योगेश का मानना ​​है कि इस परीक्षा के लिए आपको शुरू से ही पढ़ाई करनी होगी। इसके लिए आप अपनी क्षमता के अनुसार रणनीति बना सकते हैं। केवल उन्हीं विषयों पर नोट्स बनाएं जिनकी आपको जरूरत महसूस हो। पढ़ाई के साथ-साथ नियमित रूप से रिवीजन करें और मॉक टेस्ट जरूर दें।

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