अपने सपने के लिए छोड़ दी थी “बैंक की नौकरी” फिर मेहनत कर बने IAS अधिकारी, 30 वी रैंक हासिल कर

भारत देश में आपने ऐसी अनोखी कहानी बहुत बार सुनी होगी कि एक व्यक्ति ने किस तरीके से अपने जीवन में अपनी कठिनाइयों से लड़ते हुए जीत हासिल कर ली लेकिन आज हम आपको एक ऐसी लड़के की कहानी सुनाने वाले हैं। जिन्होंने बचपन से संघर्ष करा और अंत में अपनी मंजिल को हासिल करें लेकिन उनके लिए यह सफर आसान नहीं था।

भारत देश में यूपीएससी की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है और इसकी तैयारी करने के लिए लोग साल साल तक लगा देते हैं यूपीएससी की परीक्षा देने के बाद आईएफएस ,आईपीएस, और आईएएस जैसे उच्च पद मिलते हैं। लेकिन यहां रास्ता इतना भी आसान नहीं होता जितना कि आप सभी लोग सोच रहे होंगे। जो भी व्यक्ति इस रास्ते पर चलता है उसको अपने जीवन के बहुत सारे कष्टों को साथ लेकर चलना होता है। आज हम बात कर रहे हैं आप सभी के समक्ष राजस्थान के रहने वाले सामान्य और मध्यम वर्ग की लड़की के बारे में जिनका नाम है दिव्यांशु , जिन्होंने अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी और अपनी तकदीर से लड़ते हुए आखिरकार अपनी मंजिल तक पहुंच गय ।

दिव्यांशु में अपनी शुरुआती पढ़ाई इलेक्ट्रॉनिक ब्रांच में बीटेक के साथ करें ,फिर उसके बाद उन्होंने आई एम एस कोलकाता में एमबीए की पढ़ाई पूरी करें और पढ़ाई पूरी करने के बाद उनको एक अच्छी खासी नौकरी मिल गई थी बैंक में जहां पर उनका जीवन अच्छा चल रहा था लेकिन वह आपने जॉब से संतुष्ट नहीं थे और उनका मन बचपन से ही सिविल सेर्विसेस की तैयारी करने का था और उन्होंने अपने मन की सुनी और अपने जीवन में आगे बढ़े और इसकी तैयारी शुरू कर दी। दिव्यांशु ने मैथमेटिक विषय को ऑप्शनल सब्जेक्ट रखा था और कोचिंग मटेरियल के साथ दिन-रात अपनी पढ़ाई करने में लग गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने पढ़ाई करते वक्त इंटरनेट का सहारा भी लिया जिससे उन्हें काफी मदद मिली और उन्होंने जयदा विश्वास रिवीजन में रखते थे। इसके साथ ही उन्होंने 80 -100 मॉक टेस्ट भी बनाएं और पेपर के ऊपर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। हाल ही में घोसित नतीजों में उन्होंने 30 वी रैंक हासिल करें और अपने सपने को साकार किया और बन गए आईएएस अधिकारी।

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