इंजीनियरिंग में सफलता पाने के कारण लोग उड़ाया करते थे, मजाक लेकिन जब बने आईएएस अफसर तो कर दी लोगों की बोलती बंद

दोस्तों इस बात को तो आप अच्छी तरीके से जानते हो कि जो व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है लोगों की खूब तारीफ करते हैं और उसका प्रोत्साहन करते हैं पर यहां सब देखने लगते हैं कि उसने अपने जीवन में कितने ज्यादा प्रयास किए हैं और उसे कितनी ज्यादा बार असफलता प्राप्त हुई लेकिन उसे किस प्रकार से सफलता प्राप्त हुई। लेकिन जो व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है और उसे सफलता नहीं मिलती लोग उसका मजाक उड़ाने लगते हैं और उसको उस प्रकार का सम्मान नहीं मिलता समाज से जो कि मिलना चाहिए।

दसवीं की पढ़ाई के बाद से ही हिमांशु पढ़ाई में थोड़े कमजोर रहने लगे थे

हिमांशु दिल्ली के रहने वाले एक साधारण से युवक हैं और उन्होंने वहीं से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी प्राप्त करिए हिमांशु ने अपने दसवीं क्लास में कुल 82 % अंक प्राप्त किए हैं लेकिन 12वीं तक आते-आते वहां थोड़े पढ़ाई में फिसल गए थे जिसके कारण उन्होंने काफी संघर्ष के कारण उन्हें उनका मनचाहा परिणाम नहीं मिल सका और वह बीटेक में 1 और 2 विषय में बैक के पेपर भी देने पड़े थे।

कॉलेज में बैग लगने के बाद उनका आत्मनिर्भर बहुत ही ज्यादा गिर गया था जिसके बाद उन्होंने बहुत ही परेशान करने के बाद 65 परसेंट मार्क्स ही पूरे बीटेक में ला पाए थे उनकी डिटेल पूरा करने के बाद उन्हें एक कंपनी में नौकरी भी मिल गई थी जिससे वह खुश नहीं थे और वह जॉब से बहुत ही ज्यादा परेशान रहने लगे थे फिर उन्होंने की परीक्षा देने के लिए कोसिस करेंगे।

जब हिमांशु आईएएस ऑफिसर बनने तो उन्होंने बताया कि बहुत से बच्चे ऐसे होते हैं कि जो पढ़ाई में अच्छे नहीं होते लेकिन अपने जीवन में कुछ करना चाहते हैं जिसकी वजह से वह बड़े-बड़े कॉन्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करनी शुरू कर देते हैं और अपने आप को और उसे कम समझते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है उन्होंने कहा मैं खुद एक ऐसे स्टूडेंट में से हूं जो कि पढ़ने में थोड़ा कमजोर था लेकिन मैंने अपने ऊपर काम किया और आज इस काबिल हूं कि एक आईएएस ऑफिसर बन चुका हूं अगर मैं कर सकता हूं तो मेरे जैसे अन्य और भी स्टूडेंट है जो कि इस तरक्की को हासिल कर सकते हैं और अपने जीवन के मुकाम तक पहुंच सकते हैं।

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