ईमानदार “आईपीएस ऑफिसर” के तबादले को रोकने के लिए रोते-बिलखते हुए लाखों लोगों की भीड़ रोड पर

यह बात तो आप सभी लोगों को पता होगा आईएएस और पीसीएस जैसे बड़ी बड़ी पोस्ट तक पहुंचने के लिए लोगों को कितना ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है अपने जीवन में और अपने जीवन के सपने को पूरा करने के लिए उन्हें अपने कई साल घड़ी तपस्या करनी पड़ती है उसके बाद ही उन्हें यहां पर मिलता है लेकिन उसके बाद केवल कुछ ही ऐसे आईएसपीसीएस होते हैं जो लोगों को इतना ज्यादा भाग जाते हैं कि लोग उनके काम से इतना ज्यादा प्रसन्न होते हैं कि उनके तबादले को लेकर उनके दिल में एक अलग सी भावना बैठ जाती है कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला कुछ दिनों पहले जहां पर जब आईपीएस ऑफिसर IPS Officer के. अन्नामलाई (K. Annamalai) के तबादले को लेकर जब लोगों के दरमियां बात हुई तो लोगों ने इसका भर तक विरोध किया और लोग इसके विरोध को लेकर रोड पर उतर गए और नारेबाजी करने लगे अपने पसंदीदा आईपीएस को रोकने के लिए इस पूरी खबर को जानने के लिए आप सभी लोगों को यह आर्टिकल पूरा पढ़ना पड़ेगा।

2011 बैच के कर्नाटक कैडर के अफसर हैं K. Annamalai

अपनी शिक्षा पूर्ण कर लेने के बाद अन्नामलाई कॉरपोरेट नौकरियों के पीछे नहीं भागे। उनका लक्ष्य सिविल सेवा था, अतः अथक परिश्रम से 2011 में यूपीएससी परीक्षा पास की और 2011 बैच के कर्नाटक कैडर के अधिकारी बने।

उनकी पहली पोस्टिंग 2013 में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में कर्नाटक के उडुपी जिले के करकला में हुई थी। नौकरी के पहले दिन से ही अन्नामलाई ने एक अलग छाप छोड़ी थी। उनका काम करने का तरीका इतना अलग था कि पहली पोस्टिंग में ही उन्हें अपने सीनियर्स की तारीफ मिली। उनकी छवि एक बहादुर और ईमानदार अधिकारी के रूप में सामने आई।

तबादला होने पर रोते हुए लोग कर रहे थे रोकने का प्रयास

उनकी बहादुरी और ईमानदारी का ईनाम उन्हें जनवरी, 2015 में मिला, जब उन्हें पुलिस अधीक्षक के रूप में प्रमोशन प्राप्त हुआ। हालांकि उनकी पोस्टिंग उडुपी जिले में ही रही। अगस्त, 2016 तक वह एसपी के रूप में कार्य करते रहे। उसके बाद उनकी तैनाती कर्नाटक के चिक्कमगलुरू में हुई, यहां उन्होंने अक्टूबर 2018 तक नौकरी की। इन दोनों जगह अन्नामलाई को बहुत लोकप्रियता हासिल हुई। यहां के लोग उन्हें इतना पसंद करते थे कि जब उनका ट्रांसफर हुआ तो लोग रोने लगे और सड़कों पर आकर उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे।

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