एक ऐसा मुस्लिम देश जहाँ पर होती है ,मां दुर्गा की पूजा “चमत्कारी मंदिर ” अखंड ज्योत जलती आ रही है पौराणिक काल से …..

यह बात तो सभी लोगों को पता होगा कि भारत देश अन्य पौराणिक कारण से अपनी परंपरा और सभ्यता को लेकर पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने वाले हैं जो कि एक मुस्लिम देश में स्थित है। अमूमन ऐसे कम देखा जाता है कि किसी मुस्लिम देश में कोई हिंदू धार्मिक मंदिर मौजूद हो क्योंकि वहां पर इन सब बातों को नहीं माना जाता और मुस्लिम इलाकों में ज्यादातर हिंदुओं की संख्या बहुत ही ना के बराबर है वहीं अगर हम इसकी तुलना भारत देश से करें तो यहां पर सामान संख्या में मस्जिद और मंदिर मौजूद हैं लेकिन ऐसा विदेशों में नहीं देखा जाता वहां पर ज्यादातर क्रिश्चियन और मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद हैं जिसके कारण हिंदुओं की वास्तविकता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है लेकिन इसी बीच एक ऐसे मंदिर के बारे में हम आप सभी लोगों को बताने वाले हैं जहां पर पौराणिक काल से अखंड जोत जलती आ रही है।

टेंपल ऑफ फा यर के नाम से मशहूर है मंदिर

यह मंदिर टेंपल ऑफ फा यर के नाम से संपूर्ण विश्व में विख्यात है। वजह जानकर आप सोच में पड़ जाएंगे की आखिर यह नाम किस तरह अथवा क्यों दिया गया है? हम आपको बता दें कि इसकी वजह अज़रबैजान के इस मंदिर में कई वर्षों से लगातार दीप का प्रज्वलित होना है। जी हां, दीप का प्रज्वलन क्योंकि हिंदू धर्म में ज्योति को बहुत ही पवित्र और शुद्ध माना जाता है।

आखिर यह विशाल मंदिर बनवाया किसने?

ऐसा माना जाता है कि कई वर्षों पहले भारतीय व्यापारी इसी रास्ते से गुजरा करते थे। ऐसी स्थिति में किसी वजह से उन्हें वहा रुकना पड़ा था। कुछ दिन रहने के बाद उन्हें पूजा पाठ करने की इच्छा हुई तो उन लोगों ने इस मंदिर को बनवा दिया था। इतिहासकारों की मानें तो इस मंदिर का निमार्ण बुद्धदेव नाम के किसी व्यक्ति ने करवाया था। जो हरियाणा के माता गांव के निवासी थे। वह मंदिर पर मौजूद एक अन्य शिलालेख पर के रह गए शब्दों से पता लगता है कि इस मंदिर का निर्माण करवाने में उत्तमचंद और और शोभराज ने भी बहुत ही अहम भूमिका निभाई थी।

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