एक मजदूर किसान की बेटी बनी जज ,बचपन में किया करते थे दुसरो के खेती में मजदूरी………..

गरीबी एक ऐसी चीज है जो इंसान को क्या कुछ नजारे नहीं दिखाती है कुछ व्यक्ति उसे गरीबी में जीते रहते हैं तो कुछ व्यक्ति को कुछ कर गुजरने की चाह होती है और वहां उस गरीबी से इतना कुछ सीख लेता है कि अपने जीवन में इतना आगे बढ़ जाता है और हमेशा जमीन से जुड़ा हुआ व्यक्ति रहता है ऐसे व्यक्ति कि आगे चलकर भारत देश का नाम रोशन करते हैं कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया एक छोटे से मजदूर किसान के बेटा ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर कुछ ऐसा कर दिखाया जो आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

12वीं कक्षा तक पिता के साथ मज़दूरी करते रहें

मीडिया से बातचीत में कुलदीप ने बताया कि उनकी 8वीं तक की शिक्षा उनके गाँव के ही सरकारी स्कूल से पूरी हुई। इसके बाद घर की स्थिति और भी ज़्यादा खराब होने के कारण उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई घर पर रहकर ही पूरी की और साथ में पिता के साथ मजदूरी भी करते रहे। उन्होंने कहा कि जब उनके परीक्षा का परिणाम आया तब उनके पिता राजमिस्त्री के काम पर ही गए हुए थे, जब उन्हें यह सूचना मिली तो उन्हें यक़ीन ही नहीं हुआ। आज उन्हें अपनी बेटे पर बहुत गर्व है।

कुलदीप ने 2013-16 सत्र में पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल की। आर्थिक तंगी के कारण कई सालों तक इन्होंने अपने पिता के साथ मजदूरी की। लॉ करने के दौरान कुलदीप बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करते थे और इसके साथ ही वकील के हेल्पर के तौर पर काम भी करते थे, ताकि पढ़ाई का ख़र्च निकल सके।

अपनी ज़िन्दगी में संघर्षों से लड़े कुलदीप ने हिमाचल और चंडीगढ़ स्थित पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में गरीब और ज़रूरतमंद लोगों के लिए बहुत ही कम पैसों में उनका केस लड़ा और उनकी मदद की। अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए कुलदीप ने कहा कि अपनी ज़िन्दगी में सफलता और लक्ष्य को पाने के लिए विल पावर, सेल्फ कॉन्फिडेंस और मोटिवेशन बहुत ही ज़रूरी है।

अपने द्वारा दिए गए एक इंटरव्यू में कुलदीप ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही किताबें पढ़ने का काफी शौक था और वह इसके साथ गाने सुनना काफी पसंद किया करते थे अपने बचपन में उन्होंने बताया कि सफलता के पीछे केवल और केवल उनके घर वालों का ही योगदान है उनके दोस्तों की जैसी उनकी इस जर्नी में काफी मदद करें जिसकी वजह से आज वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं। वह कहते हैं कि वह हमेशा उन सभी व्यक्तियों का शुक्र मंद रहेंगे जिन्होंने आगे बढ़ने में उनकी मदद करें और उन्हीं की वजह से आज वह इस मुकाम पर खड़े हैं।

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