कभी गलियों में घूम कर उठाते थे गोबर , लेकिन आज बन चुके हैं 8 करोड़ की कंपनी के मालिक,अनोखे आईडी के कारण………

आज हम आप सभी लोगों को एक ऐसे युवक की कहानी सुनाने वाले हैं। जिन्होंने अपने बचपन में कुछ ऐसी स्थितियों से गुजारना पड़ा जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते और आप कभी भी ऐसा नहीं सोच सकते कि जिस काम को वहां बच्चे करता था उस काम को करने वाला व्यक्ति अपने जीवन में कभी सफल हो पाएगा लेकिन उन्होंने कुछ ऐसा कर दिखाया जो आप लोगों के लिए है और उन्होंने अपने साथ-साथ और लोगों को भी रोजगार दिया और अपने देश की मदद करें।

पढ़ाई के लिए गाँव से बाहर काफ़ी दूर जाना पड़ता था

हरियाणा के रहने वाले गौरव राणा (Gaurav Rana) का जन्म एक बेहद पिछड़े परिवार में हुआ था। गाँव में कोई स्कूल ना होने के कारण उन्हें पढ़ाई के लिए गाँव से बाहर काफ़ी दूर जाना पड़ता था। गौरव के दादाजी की एक किराने की दुकान थी। उससे बहुत मुश्किल से घर का ख़र्च चल पाता था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद गौरव को पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ा। जैसे-तैसे कर गौरव अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे। उसी बीच पिता के बीमार हो जाने के कारण आर्थिक स्थिति और दयनीय हो गई।

साल 2011 में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त किए

गौरव ने काफ़ी मुश्किलों का सामना करते हुए किसी भी तरह आगरा के “एजुकेशनल इंस्टीट्यूट” (Educational Institute) में अपना दाखिला करवाया। इनकी लगन, मेहनत और पढ़ाई के प्रति जुनून देखते हुए इनके गाँव के कुछ लोगों ने और इनके कुछ रिश्तेदारों ने इनकी आर्थिक मदद की। तब 2011 में गौरव ने ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग करने के बाद गौरव नौकरी की तलाश में जुट गए। काफ़ी तलाश के बाद इंदौर में एक नौकरी ढूँढ पाने में गौरव सक्षम हुए। इस तरह इनके घर की स्थिति में थोड़ी-सी सुधार आई।

गौरव का यह ब्यूटी प्रोडक्ट खासकर महिलाओं को बहुत पसंद आ रहा है और धीरे-धीरे कंचन की मार्केट में वैल्यू बढ़ती चली जा रही है और खासकर महिलाओं को इस खबर को लेकर काफी दिलचस्पी नजर आ रहे हैं और वह इस प्रोडक्ट को खाता पसंद कर रहे हैं जिसके चलते इसकी गति काफी तेज हो गई है और यह कंपनी दिन दोगुनी रात चौगुनी मुनाफा कर रही है।

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