किताबें खरीदने तक के पैसे नहीं थे बचपन में लेकिन अखबार की मदद से करी दिन-रात कड़ी मेहनत और बन गई IAS अधिकारी……….

आज हम आप सभी लोगों को आईएएस अधिकारी कामिनी जॉय के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपने बचपन में इतने संघर्ष किए हैं जिसके बारे में सुनने के बाद शायद आप लोगों की आंखें भी नम हो जाए बचपन में उनके पास किताबें खरीदने तक के पैसे नहीं थे लेकिन उन्होंने इस कमजोरी को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और लगातार प्रयास करते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ी और आज इस बुलंदी पर पहुंच गई है कि जिसके बारे में आप कभी भी सोच नहीं सकते थे उन्होंने अपने सपने को भी पूरा किया और उसके साथ-साथ अपने माता-पिता को गौरवान्वित महसूस कराया और समाज में एक अलग इज्जत और सम्मान दिलाया।

सबसे पहले हम आप सभी लोगों को बता देते हैं कि एनी पहली ऐसी प्रोफेशनल नर्स है जो आगे चलकर यूपीएससी परीक्षा पास कर कर आईएस बनी है इससे पहले ऐसा कारनामा किसी और उन्होंने अपने पहले प्रयास में 580 वी रैंक हासिल करी थी पूरे भारत में लेकिन उन्होंने उस स्थान पर संतुष्टि नहीं प्राप्त हुई जिसके चलते उन्होंने एक बार फिर प्रयास करने का निर्णय किया और फिर से कड़ी मेहनत करने में लग गई जिसके चलते उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 65 की रैंक लाकर अपने सपने को पूरा किया। ने नहीं कर दिखाया है सन 2012 में अनीस ने पूरे भारत में 65 वी रैंक लाने के साथ इस परीक्षा को पास किया था और अपने सपने को सच कर दिखाया था उन्होंने अपने पढ़ाई त्रिवेंद्र मेडिकल कॉलेज से नर्सिंग में बीएससी की डिग्री प्राप्त कर चुकी हैं इसके साथ ही साथ वह बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में काफी अच्छी थी जिसके चलते आज वह इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं इसके साथ-साथ उन्होंने एमबीबीएस की परीक्षा देने के बाद नरसिंह की ग्रेजुएशन को ज्वाइन करा था और यह निर्णय करा था कि एक आईएएस अधिकारी बनेगी आज उनकी इस कहानी को सुनने के बाद अनेकों अभ्यार्थियों को सीख मिलेगी कभी भी अपने जीवन में चाहिए फिर चाहे मंजिल कितनी दूर क्यों ना हो।

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