किसान की बेटी ने किया कमाल 23 वी रैंक लाकर बनी आईएएस ऑफिसर, किया मां बाप का नाम रोशन

आज मैं सभी लोगों को 25 वर्षीय तपस्या परिहर के बारे में बताने वाले हैं। जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 30 वी रैंक लाकर अपने सपने को पूरा किया और अपने परिवार वालों को गौरवान्वित महसूस कराया। किसान की बेटी ने अपने पिता के लिए मान सम्मान का कार्य किया। तपस्या परिहार मध्य प्रदेश के जोवा के आविकसित गांव से निवास करती हैं। जिसके आबादी केवल 800 लोगों की है और गांव में ज्यादातर लोग पढ़े-लिखे नहीं है।

इस गांव के अधिकांश लड़कियों को कभी भी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिला क्योंकि इस गांव में ज्यादातर” बाल विवाह “करा दिया जाता है और लड़कियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता और उनके सपने मानो ही टूट जाते हैं। लेकिन तपस्या की कहानी कुछ अलग थी और उन्होंने उस कहानी को उस मुकाम तक पहुंचा दिया की अब वह लाखो लड़कियों के लिए प्रेरणा बन जाएंगे आने वाले समय में और उनका हौसला बढ़ाने के लिए बहुत ही अहम भूमिका निभाई। अगर हम बात करें तपस्या परिहार की तो ,उन्हें अपनी परीक्षा में पहली बार सफलता नहीं मिली लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा पूरे जोश और जुनून के साथ एक बार फिर प्रयास किया और सफलता हासिल करी। उनका कहना था कि उन्हें कोचिंग से काफी ज्यादा मदद मिली और उन्होंने ज्यादातर अपनी सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया क्योंकि वही एक ऐसी चीज है जो इंसान को सफल बनाने में बहुत ज्यादा अहम भूमिका निभाता है। तपस्या बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में काफी तेज थी और उन्हें पढ़ने लिखने का शौक बचपन से ही था।

उन्होंने अपने गांव से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करी और उसके बाद उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पुणे के सोसायटी लॉ कॉलेज से करी। लेकिन उसके बाद उन्होंने अपनी यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली चली गई और वहां जाकर दिन रात एक कर दी अपनी परीक्षा को पास करने के लिए। लेकिन जब तपस्या को पहली बार उस परीक्षा में सफलता नहीं मिली तो उन्होंने कोचिंग छोड़ने का निर्णय लिया और पूर्ण रूप से self-study पर ध्यान केंद्रित कर लिया और अपने दूसरे प्रयास में सफलता अर्जित करी।

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