छोटे से गांव से निकलकर “सेल्फ स्टडी” कर अपूर्वा बनी आईएएस अधिकारी ,गांव का नाम किया रोशन

UPSC परीक्षा एक ऐसी परीक्षा है जिसमें सफलता प्राप्त कर देश का सबसे बड़ा अधिकारी बनने का सपना पूरा होता है।  इस परीक्षा को पास करने का सपना लगभग हर युवा का होता है, लेकिन मंजिल तक पहुंचने का रास्ता इतना कठिन होता है कि हर कोई इस रास्ते पर चलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।  फिर भी हर साल लाखों उम्मीदवार अधिकारी बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में बैठते हैं।  लेकिन सफलता चुनिंदा लोगों को ही मिलती है।

 यूपीएससी की परीक्षा में सफल होने वाले युवा दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं।  आज हम आपको एक ऐसे IAS अधिकारी के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपने रास्ते में आने वाली हर मुश्किल को पार कर सफलता की एक नई कहानी लिखी।  नई पीढ़ी के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं।  आज की पोस्ट में हम बात कर रहे हैं IAS ऑफिसर apoorva tripathi की।

आईएएस अपूर्वा त्रिपाठी

अपूर्व त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक गांव तहसील के एक छोटे से गांव की रहने वाली मध्यम परिवार की लड़की है। लेकिन फिलहाल वह इस वक्त प्रयागराज में रह रही है। उनके पिता का नाम है दिनेश त्रिपाठी है ,जो कि प्रयागराज में ही सिंचाई विभाग में इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं और देश की सेवा कर रहे हैं। बाकी उनकी माता का नाम सीमा त्रिपाठी, जो कि एक ग्रहणी है। इसके साथ ही उनके घर में माता-पिता के अलावा उनकी छोटी बहन भी है जो कि इस वक्त बीएससी की छात्रा है और पढ़ाई कर रही है। उनका एक छोटा भाई भी है जो बी.TECH की पढ़ाई कर रहा है।

अपूर्वा ने अपनी यूपीएससी की तैयारी के लिए कभी भी किसी कोचिंग की मदद नहीं ली बस की अपनी सेल्फी स्टडी पर ध्यान दिया और 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद कहीं साल 2020 में होने वाली यूपीएससी की परीक्षा में उन्हें सफलता हासिल हुई और उन्होंने 68 वी रैंक लाकर अपने सपने को साकार किया और माता-पिता को गौरवान्वित महसूस कराया।

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