जयपुर में सेना के हथियार थाम बच्चे बने ‘जवान’, दुश्मन को धूल चटाने फौजी बनने को तैयार, देखिए इन तस्वीरों से …

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 में दुश्मन की धूल चाटने वाली भारतीय सेना अपनी जीत की 50वीं वर्षगांठ पर ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ मना रही है। इसके तहत राजस्थान की राजधानी में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत शनिवार को जयपुर में मिनी मैराथन से हुई। वहीं, चित्रकूट स्टेडियम में सेना द्वारा एक विशेष ‘उपकरण प्रदर्शन’ प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें सेना ने युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और उपकरणों को रखा, जिससे बच्चे और वयस्क काफी उत्सुक नजर आए।

 

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 में दुश्मन की धूल चाटने वाली भारतीय सेना अपनी जीत की 50वीं वर्षगांठ पर ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ मना रही है। इसके तहत राजस्थान की राजधानी में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत शनिवार को जयपुर में मिनी मैराथन से हुई। वहीं, चित्रकूट स्टेडियम में सेना द्वारा एक विशेष ‘उपकरण प्रदर्शन’ प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें सेना ने युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और उपकरणों को रखा, जिससे बच्चे और वयस्क काफी उत्सुक नजर आए।

 

चित्रकूट स्टेडियम में भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरणों और हथियारों को देखकर बच्चे भी सैनिक बनने की जिद करते नजर आए। उसने न केवल स्वयं शस्त्रों को छुआ, बल्कि शत्रुओं को निशाना बनाकर उन्हें मारने की भावना भी दिखाई।

 

सेना ने प्रदर्शनी में युद्ध के मैदान में दुश्मन पर गरजती तोपों का भी प्रदर्शन किया। इन तोपों पर सवार युवाओं का जोश देखने लायक था। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट अमिताभ शर्मा के अनुसार इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बच्चों को सेना के आधुनिक हथियारों के बारे में जानकारी देना और उन्हें सैन्य क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

 

प्रदर्शनी में सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक संचार और रडार उपकरण भी प्रदर्शित किए गए। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट अमिताभ शर्मा बताते हैं कि उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि हमारी सेना उन चुनिंदा सेनाओं में से है जो आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल करती हैं।

 

प्रदर्शनी के दौरान लोगों को भारतीय सेना के सम्मान में सैनिकों और उनकी सेवाओं को अपने तरीके से धन्यवाद देते देखा गया। कोई जवानों को सलाम कर रहा था तो कोई उनकी कहानी सुन रहा था.

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