जिलाधिकारी अपने परिवार के साथ पहुंचे शहीद जवान की बेटी की शादी में ,किया उसका कन्यादान……..

हर एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी ना कभी कुछ ऐसी घटनाओं से होकर गुजरता है जिसे देखने के बाद उसका भी हृदय भावुक हो उठता है और उसे ऐसी घटनाएं हमेशा जीवन भर याद रहती हैं अभी कुछ दिनों पहले कुछ ऐसी घटना घटित हुई थी जिसे सुनने के बाद आपका भी हृदय भावुक हो उठेगा और आज हम आपको इस आर्टिकल में उसी घटना से रूबरू कराने वाले हैं। दरअसल यह मामला है 25 अगस्त 2018 का जब जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में तैनात बीएसएफ के जवान अजय कुमार रावत की एक हादसे के दौरान जान चली गई थी और उस दौरान अजय कुमार बीएसएफ के एटीएस बटालियन में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे और देश की सेवा कर रहे थे सलेमपुर के मझौली राज के रहने वाले अजय अपने पीछे अपनी पत्नी और अपनी छोटी बेटी छोड़ गए थे जो कि पूरी तरीके से उन पर निर्भर करती थी।

शहादत के बाद जब अजय कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया तो वहां पर डीएम अमित किशोर ने उनका दाह संस्कार किया क्योंकि उस वक्त वहां पर कोई और मौजूद नहीं था ऐसे में जब अजय कुमार की बेटी शिवानी की शादी आन पड़ी तो उनकी बेटी ने खत के माध्यम से जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि उसके कन्यादान की रस्म उन्हीं के हाथों होगी अन्यथा वहां शादी नहीं करेगी तो उस बेटी की इस इच्छा को पूरी करने के लिए जिलाधिकारी खुद अपने परिवार सहित शादी में शरीक होने पहुंचे और बेटी की मनोकामना को पूरा किया।

जिलाधिकारी अमित किशोर ने बताया कि शिवानी के पिता ड्यूटी के दौरान ही शहीद हुए थे और उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान का बलिदान दिया था हर जिलाधिकारी का यह फर्ज बनता है कि वह देश के लिए शहीद हुए परिवार का खास ख्याल रखें और उनके देखभाल करें ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

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