जीवन में बड़ा जोखिम लेकर शुरू करी थी कंपनी लेकिन जब मिली सफलता तो अब कर रही हैं ये काम

आप सभी लोगों ने अपने घर के बुजुर्गों से हमेशा एक कहावत तो जरूर क्यों नहीं होगी “दूसरों के चेहरे हम याद रखें हमारी ऐसी फितरत नहीं लोग हमारा चेहरा देख के अपनी फितरत बदल ले ऐसी हमारी फितरत है I” आज हम आपको इसी कहावत को सच कर दिखाने वाली युवती के बारे में बताएंगे जिन्होंने पूरे भारत देश में इतिहास रच दिया और अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात करी गई मेहनत का ही परिणाम था कि आज वह इतने बड़े नाम की हकदार बन चुकी हैं और पूरे भारत में उन्हीं की चर्चा हो रही है।

मिला अनोखा नाम और पहचान

उमंग श्रीधर ने स्टार्टअप करने से पहले कंपनी का नाम और उसमें बनने वाले कपड़ों के बारे में पूरे रिसर्च करें और जब रिसर्च पूरी हुई तब उन्होंने इस कंपनी को खोलने का निर्णय लिया और अपनी कंपनी का नाम रखा KhaDigi . उन्होंने मुख्य द्वार पर खादी के कपड़े बनाने का निर्णय लिया उमंग से धन ने अपनी कंपनी को डिजिटल रूप में सभी लोगों के बीच पेश किया जिसके जरिए हैंडलूम फैब्रिक और खादी का कपड़ा बेचा जाता था इस कंपनी के जरिए सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बुनकरों को भी रोजगार देते हुए उन्हें अपनी इस कंपनी के साथ जुड़ा और उनको भी आत्मनिर्भर बनाया।

जीवन में करना चाहते हैं गरीबों की मदद

इंडिया की टॉप ब्रांड्स में उनकी कंपनी का नाम आज शामिल हो चुका है और इसके लिए उनका कहना है कि वह अभी भी अपने इस कार्य से संतुष्ट नहीं है उनका लक्ष्य है कि वह किस तरीके से और भी ज्यादा कार्य कर सकें ताकि वहां गरीबों की मदद कर सके और उनके जीवन को एक नई दिशा प्रदान कर सकें उन्होंने भारत में हुए लॉकडाउन के दौरान भी करीब 50 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार दिया और उनके उस गरीब और मजबूरी भरी स्थिति में उनका मदद की उनकी इस मदद के कारण उनके घर में उस वक्त चूल्हा जल पाया होगा जिसके लिए वहां सभी लोग आज भी उन्हें दुआएं देते हैं।

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