ट्रेन में पान के पत्ते बेचते थे ,लेकिन एक अनोखे आईडी के कारण बन गए 25 करोड़ के कंपनी के मालिक……….

हर एक व्यक्ति को सफलता तक पहुंचने के लिए अनेकों प्रकार के कठिन मोड़ से होकर गुजरना होता है कुछ लोग उन मुद्दों पर हार मान जाते हैं तो कुछ लोग उन सभी परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ते हैं और कुछ ऐसा कर दिखाते हैं जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं आज हम आप सभी लोगों को ऐसे ही शख्स के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने बचपन में अनेकों प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ा में पान के पत्ते बेचा करते थे और उसी से अपना गुजारा किया करते थे इसके अलावा उनके पास कोई साधन नहीं था लेकिन उन्होंने कुछ करना है तो उनके एक अनोखी आइडिया के कारण आज वह लगभग 25 करोड़ के कंपनी के मालिक हैं और अपने साथ-साथ लाखों और लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं और उनके जीवन में मदद कर रहे हैं।

निखिल प्रजापति गांधी (Nikhil Prajapati Gandhi)

निखिल प्रजापति गांधी (Nikhil Prajapati Gandhi) जिनकी गिनती आज देश के सुप्रसिद्ध उद्योगपतियों में होती है। लेकिन यह सफलता उन्हें चुटकियों में नहीं मिली बल्कि इसमें उनका पूरा संघर्ष शामिल है। वह इतने गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे कि उनके पास ट्रेन से सफर करने के लिए पैसे तक नहीं होते थे कि ताकि वह आसानी से सफर कर सके।

वैसे तो 80 के दशक में निखिल प्रजापति गांधी ने वाणिज्य से स्नातक की डिग्री हासिल की है। लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था वह अपनी शिक्षा का उपयोग कैसे करें जिससे उनकी गरीबी दूर हो। उन्हें किसी से कोई सहायता नहीं मिल रही थी। तब काफी परिश्रम के बाद उन्होंने कुछ छोटे-मोटे काम करने शुरू किए। इसी दौरान उन्होंने कोलकाता से प्रसिद्ध बीटल (पान) के पत्ते को खरीदकर मुंबई में बेचना शुरू किया और इसी काम के सिलसिले में उन्हें हर महीने दो बार कोलकाता से मुंबई जाने के दौरान 30 घंटे का सफर ट्रेन में शौचालय के पास बैठकर तय करना पड़ता था, ताकि वह बीटल के पत्ते पर पानी का आसानी से छिड़काव कर सके जिससे पत्ते सूखे नहीं।

अज वह लाखों लोगों के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं और हर एक शब्द सुनने की तरह बनना चाहता है उनके हजारों लोग फैन हैं और उन्हीं की तरह आगे बढ़कर अपने जीवन में कुछ कर दिखाना चाहते हैं।

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