दिल्ली में बुजुर्गों को मुखाग्नि देने जा रहे थे लोग ,लेकिन अचानक चलने लगे सांसे, लोगों की आंखें खुली की खुली रह गई

आज हम आप सभी लोगों को नरेला के निकट खुर्द गांव की 62 साल के एक बुजुर्ग सतीश भारद्वाज के बारे में बताने वाले हैं जिनकी मौत रविवार की सुबह हो गई थी लेकिन कुछ इस प्रकार की घटना घटित हुई जिसके बाद वहां पर मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए और उन्हें अपनी आंखों देखी पर यकीन नहीं हुआ आखिर यह पूरा मामला क्या था इसके बारे में हम आप सभी लोगों को विस्तार से बताएंगे इस लेख में।

दिल्ली के नरेला इलाके में लोग उस वक्त हैरान रह गए जब एक बुजुर्ग की कथित मौत के बाद वो अंतिम संस्कार की तैयार कर रहे थे लेकिन उससे ठीक पहले उन्होंने आंखें खोल दी. यह सब तब हुआ जब श्मशान घाट में उन्हें अर्थी से उठाकर चिता पर रखने की तैयारी चल रही थी.

जाने आखिर क्या हुआ श्मशान घाट में

दरअसल नरेला के टिकरी खुर्द गांव के 62 साल के एक बुजुर्ग सतीश भारद्वाज की रविवार सुबह मौत हो गई थी. ऐसा दावा उनके परिवार के लोगों ने किया है. मौत के बाद मातम में डूबे परिवार के लोग उन्हें लेकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे थे.

जिस वक्त मृतक को मुखाग्नि देने के लिए ले जाया जा रहा था और जब सभी प्रक्रिया शुरू होने लगी तो जब लोगों ने शव से कफन हटाया तो लोगों के होश उड़ गए और उन्हें अपनी आंखों देखी पर यकीन नहीं हुआ। इसी बीच अचानक अर्थी पर जिंदा हो गए और सांस लेने लगी जिसे देखकर आसपास के सभी लोगों के होश उड़ गए और वहां भागने की कोशिश करने लगे।

रिश्तेदार रह गए सदमे में

रिश्तेदारों से हुई बातचीत में यह पता चला कि बुजुर्ग ने चीता पर रखे जाने से ठीक पहले ही आंखें खोल दी जिसके बाद डॉक्टरों द्वारा उनका बीपी चेक किया गया और हार्टबीट वगैरह सब कुछ चेक किया गया और वह बिल्कुल नॉर्मल थी इसके फौरन बाद शमशान घाट से बुजुर्गों को एंबुलेंस से राजा हरिश्चंद्र अस्पताल लाया गया जहां पर अभी उनका इलाज चल रहा है और उनके घर वालों को अभी भी उनके जीवित होने की आस है।

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