परिवार वालों के विरुद्ध जाकर मां ने अपनी बेटी को आगे पढ़या , बेटी ने आईएएस ऑफिसर बन किया सपना पूरा……….

पढ़ाई में उनकी माँ उन्हें पूरा सहयोग करती

IAS अनुराधा पाल (IAS Anuradha Pal) की माँ का यही मानना था कि भले ही वह पढ़ी-लिखी नहीं है तो क्या हुआ लेकिन वह अपनी बेटी को ज़रूर पढ़ाएंगी। अनुराधा भी बचपन से पढ़ने में बहुत होशियार थी। पढ़ाई में उनकी माँ उन्हें पूरा सहयोग करती। पांचवी पूरी करने के बाद अनुराधा की माँ ने उन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय का फॉर्म भरवा दिया। इस कठिन परीक्षा को भी अनुराधा ने बहुत आसानी से पास कर लिया।

मां ने लोन लेकर IAS Anuradha Pal का एडमिशन आईआईटी में करवाया

अब बात आई अनुराधा (IAS Anuradha Pal) के जवाहर नवोदय विद्यालय में एडमिशन लेने की, तो इस बात पर उनके घर में कोई राजी नहीं था कि अनुराधा बाहर जाकर पढ़ाई करें। लेकिन उनकी माँ का फ़ैसला अटल था। उन्होंने अपने परिवार में यहाँ तक कह दिया कि “यदि इस घर में रहकर मेरी बेटी को नहीं पढ़ाया जायेगा तो वह अपने इस घर को भी छोड़ देंगी।” और इस तरह अनुराधा की माँ ने अपनी बेटी अनुराधा का जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिला करा कर पढ़ाई करने के लिए भेज दिया।

अनुराधा (IAS Anuradha Pal) ने उसी विद्यालय से 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। आगे अनुराधा का मन इंजीनियरिंग करने का था लेकिन आईआईटी रुड़की में एडमिशन लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। एक बार फिर उनकी माँ ने उनका साथ दिया और अपनी बेटी के पढ़ाई के लिए लोन लेकर अनुराधा का एडमिशन आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) में करवाया।

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