पिता ने “मनरेगा में मजदूरी” कर बेटी को पढ़ाया ,लिए थे दोस्तों से पैसे उधार इंटरव्यू के लिए , बनी आईएएस अधिकारी

हर एक व्यक्ति के जीवन का ख्वाब होता है कि वह अपने जीवन में सफल व्यक्ति बने और अपने जीवन में कुछ अच्छा कर दिखाए सफलता मिलना ना या मिलना या सफलता का हासिल होना यह सब सिक्के के दो पहलू हैं लेकिन अगर आप प्रयास भी ना करें यह तो बहुत ही बुरी बात है लेकिन आज हम आप सभी लोगों को एक ऐसी लड़की की कहानी सुनाने वाले हैं जिसके पिता ने मनरेगा में मेहनत मजदूरी कर बेटी को पढ़ाया पैसे की कमी थी इसीलिए बेटी ने दोस्तों से पैसे उधार ले कर दिया था आईएएस का इंटरव्यू लेकिन जब आया रिजल्ट तो सबके चेहरे खिल गए बेटी ने सब का नाम रोशन किया और अपने माता-पिता को वहां मान और सम्मान दिलाया जिसके वह असल हकदार थे।

सरकार की मदद से पूरी करी थी जो यूपीएससी की तैयारी

श्री धन्य ने शुरुआत में यूपीएससी की तैयारी के लिए ड्राइवर ट्राईबल वेलफेयर के लिए चलाई जा रही कोचिंग में जाकर अपनी पढ़ाई को किया था इसके बाद वह किसी वजह से तेरी बंदूक चली गई थी इसके बाद उन्होंने वहां से अपनी यूपीएससी की आगे की तैयारी शुरू करें एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि उन्हें अनुसूचित जनजाति विभाग से पढ़ाई के दौरान काफी आर्थिक मदद कराई गई थी जिसकी मदद से उन्होंने अपनी यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करने में सफल हो पाई थी उनका कहना है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी भी अच्छी नहीं थी कि उन्हें पूरी पढ़ाई करा सकें।

सफलता हासिल कर रख दिया था इतिहास

श्री धन्य को यह सफलता केवल एक झटके में ही नहीं मिली उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अपनी कई रातें कुर्बान करी हैं अपनी पढ़ाई को लेकर तभी जाकर उन्हें इस सफलता का स्वाद चखने को मिला है उन्होंने लगातार तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी जिसमें उन्होंने सफलता हासिल हुई थी लेकिन उन्होंने दिन रात मेहनत कर एक बार फिर से चौथे राउंड में तैयारी की जिसमें उन्हें सफलता भी अवश्य मिली और साल 2018 की यूपी की परीक्षा के बैच में उनका रिजल्ट आया।

जिस वक्त उन्होंने रिजल्ट सुना उनकी आंखों में आंसू आ गए थे क्योंकि आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई जो उन्होंने इतने बरसों से तपस्या की थी उसका जिनको परिणाम मिला उसके इस परिणाम की वजह से उनके माता-पिता के जीवन में उनको वह मान और सम्मान मिला जिसके पास हकदार थे इसी के साथ-साथ उसे वहां सपना साकार करने का अवसर मिला जो वह बचपन से देखा करती थी लेकिन आज वह लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं और उनकी रोल मॉडल बन चुके हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published.