पुनीत राजकुमार ने मरने के बाद दान करी अपनी आंखे, क्योंकि…. जाने सच..

कल शुक्रवार को पुनीत राजकुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, सुबह उन्हें सीने में दर्द की शिकायत थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बेंगलुरु के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ने का पता चला। इलाज के दौरान 46 साल की उम्र में पुनीत राजकुमार का निधन। इस बीच डॉक्टरों ने 6 घंटे के अंदर ही उनकी आंखें निकाल दीं।

 

पुनीत राजकुमार बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता होने के साथ-साथ बेहतरीन इंसान भी थे। वह दान-पुण्य में भाग लेता था ।उसके बारे में कहा जाता है कि वह कई अनाथालयों और गौशालाओं और बच्चों की शिक्षा का खर्च खुद वहन करता था । वह इस तरह के सामाजिक कार्य करते थे। साथ ही उन्होंने मरने से पहले अपनी आंखें दान करने का फैसला किया था।

 

जो लोग अपनी आंखें दान करते हैं उन्हें एक निश्चित समय पर अपनी आंखें निकालनी पड़ती हैं। तो 6 घंटे के अंदर निकाली गई पुनीत राजकुमार की आंखें। अब किसी और की आंखों से मिलेगी आंखों की रोशनी। उनके एक दोस्त ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट किया कि जब वे पुनीत राजकुमार से मिलने अस्पताल गए तो डॉक्टरों की टीम उनकी आंखें निकाल रही थी।

 

पुनीत राजकुमार ने मरणोपरांत नेत्रदान करने का फैसला किया था। हम सब उनकी याद में, उनके प्रशंसक होने के नाते, लोगों से भी प्रार्थना करते हैं कि वह भी अधिक से अधिक नेत्रदान करें।

 

पुनीत राजकुमार के पिता का भी 76 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन। उनके पिता एक डॉक्टर थे और मरने से पहले उन्होंने अपनी आंखें भी दान कर दी थी। उनसे प्रेरित होकर पुनीत राजकुमार ने भी अपनी आंखें दान करने का फैसला किया।

 

पुनीत राजकुमार एक महान व्यक्ति थे। 46 साल की उम्र में उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

 

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