बचपन में एक दुर्घटना के दौरान गवा दिए थे दोनों पैर, लेकिन हिम्मत नहीं हारी आज अपने पैरों के दम पर लिखते हैं……..

हर एक व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई परेशानी होती है, लेकिन कुछ लोग जिंदगी भर खुश रहते हैं और कुछ लोग उन छोटी-छोटी परेशानियों को लेकर हमेशा परेशानी रहते हैं लेकिन असली मुसीबत तो उन लोगों को होती है जिन्होंने आप बीती करी है। आज हम आप लोगों को एक लड़की की कहानी सुनाने वाले हैं जिन्होंने बचपन में दुर्घटना के दौरान अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे लेकिन उन्होंने इतनी बड़ी मुसीबत पढ़ने के बाद भी अपने जीवन में हार नहीं मानी और उन्हें पढ़ने की इच्छा इतनी ज्यादा थी कि वह आज भी स्कूल में पढ़ रही हैं और वह लड़की हाथ ना होने की वजह से अब वह पैरों के जरिए लिखते हैं और एक नया कीर्तिमान हासिल कर रही हैं।

आज हम आप सभी लोगों को तनु कुमारी की कहानी सुनाने वाले हैं जिन्होंने सन् 2014 में एक सड़क दुर्घटना के दौरान अपने दोनों पैरों को गंवा दिया था अब आप सोच सकते हैं कि अगर किसी व्यक्ति का कोई अंग खराब हो जाए शरीर का तो उसे अपने जीवन में कितना बुरा लगेगा लेकिन तानु इतनी बड़ी मुसीबत के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी अपने जीवन में और सभी मुसीबतों का डटकर सामना किया।

तनु को दसवीं के लिए प्रमोट कर दिया गया था उसके बाद उन्होंने अपने जीवन में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्होंने अपने सारा काम अपने पैरों से करती हैं तनु की कहानी सुनकर लोग बहुत भावुक हो जाते हैं और उन पर तरस खाने लगते हैं तनु बताती है कि एक हादसे के बाद उन्होंने पैरों से लिखना शुरू कर दिया और अब वह धीरे-धीरे अपने पैरों के जरिए पेंटिंग जैसी अन्य कई एक्टिविटी करती हैं जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं। उनकी इस कहानी को सुनने के बाद भारत के कई नौजवानों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और यह सीखना चाहिए कि हमें अपने जीवन में कभी भी हार नहीं माननी चाहिए चाहे अपने जीवन में कितनी भी कठिनाइयां आ जाएं हमें उनका डटकर सामना करना चाहिए।

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