बचपन में एक वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता था, आज किसान की बेटी बन चुकी है पुलिस अफसर

हर एक व्यक्ति के जीवन के पहलू होते हैं और उसके जीवन की कहानियां अलग होती है उसकी सफलता के लिए उसके संघर्ष भी बहुत ही निराले होते हैं इन सभी बातों के साथ-साथ हर एक व्यक्ति को अपनी सफलता तक पहुंचने के लिए अनेकों मुसीबतों से गुजर ना होता है कुछ व्यक्तियों के लिए यह सफर आसान होता है तो कुछ व्यक्तियों के लिए इतना मुश्किल होता है कि वह सफल लोगों के लिए प्रेरणा बन जाता है। कुछ इसी प्रकार की घटना से आज हम आप सभी लोगों को रूबरू कराने वाले हैं। इस आर्टिकल को ध्यान से एंड तक पड़ जाएगा उसी के बाद किसी निर्णय पर पहुंचेगा।

भूखे पेट सोना पड़ता था कभी-कभी लेकिन पढ़ाई फिर भी नहीं छोड़ी थी

तेजल अपने जीवन में सफल होना चाहती थी और अपने माता-पिता को गौरवान्वित महसूस कर आना चाहती थी इसीलिए उन्होंने घर की बिगड़ती भी स्थितियों का भी रुकावट नहीं समझा और हमेशा जीवन में आगे बढ़ती रहे और कभी भी अपने जीवन में खुद को किसी से कम नहीं समझा उन्हें कभी कभी रात में घर में अनाज ना होने के कारण भूखे पेट सोना पड़ता था लेकिन उन्होंने कभी अपने पढ़ाई पर इसका प्रभाव नहीं आने दिया और वह हर रोज नित्य नियम के साथ पढ़ाई करा करती थी उनकी मेहनत और कड़ी लगन का और उन्हें अपने जीवन में मिल चुका है और उनका पूरा परिवार उनके ऊपर गर्व महसूस करता है तेजल ने अपने द्वारा दिए गए इंटरव्यू में बताया कि वह सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक पढ़ाई किया करती थी इसके अलावा वाह अपने जीवन में पढ़ाई के लिए कुछ दिन अपने घर से बाहर भी रही थी ताकि वह पूरी तरीके से अपना ध्यान केंद्रित कर सके पढ़ाई में तेजल का मानना है कि जीवन में पढ़ाई बेहद ही अहम पहलू है।

तेजल ने अपने जीवन में कभी भी किसी कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली उन्होंने केवल और केवल अपने बलबूते पर यहां सभी पढ़ाई पूरी करें और इस सफलता को हार्दिक सन 2017 में एक पुलिस अधिकारी का पद हासिल करें और इस मुकाम तक पहुंच गई जिसके बाद उन्होंने अपने माता-पिता का नाम रोशन करें इसके साथ ही साथ अपने सपने को साकार किया इस सफलता तक पहुंचने के लिए कोई चमत्कार नहीं बल्कि उनकी मेहनत का ही परिणाम था।

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