बालाजी की कृपा से किस गांव में आज तक नहीं हुआ एक भी “फौजी शहीद” ,एक गांव की अनोखी कथा…..

यह बात तो आप सभी लोगों को पता होगी कि हमारे देश के हर एक क्षेत्र से नौजवान युवक फौज में भर्ती होते हैं लेकिन पाकिस्तान और अन्य देशों की कायराना हरकत के कारण कई बार उन्हें अपने देश के लिए शहीद ही देनी पड़ती है जो कि एक सेना के जवान के लिए गर्व का पर होता है लेकिन आज हम आप सभी लोगों को एक ऐसे गांव के बारे में बताने वाले हैं जहां पर आज तक एक भी नौजवान युवक फौज में शहीद नहीं हुआ है वह एक ऐसा गांव है जहां पर बालाजी के चमत्कार के कारण आज तक एक भी नौजवान फौजी सेना के लिए सही नहीं हुआ है बल्कि अपनी पूरी उम्र भर सेना को कार्य करत रहा है। भारत धार्मिक मान्यताओं वाला देश है इस बारे में तो आप सभी लोगों को पता होगा पूरे विश्व में भारत को इसीलिए प्रसिद्धि मिली हुई है और हिंदू धर्म सबसे ज्यादा माने जाने वाले धर्मों में से एक है और अगर मूल रूप से देखा जाए तो वास्तव में हिंदू धर्म के लोग केवल भारत में ही रहते हैं और अन्य देशों में इन की प्रजाति थोड़ी कम है।

एक भी फौजी नही हुआ शहीद

पुजारी जी ने बालाजी के दरबार जुड़ा एक खास के सभी बताया,उन्होंने बताया कि उनके गांव के रहने वाले लोगों का आज तक किसी बीमारी के चलते निधन नहीं हुआ है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गांव के जो लोग सेना में भर्ती है वह आज तक शहीद नहीं हुए है। गांव के पुलिस विभाग में भर्ती लोग, फौजी व अन्य सभी लोग बालाजी के दरबार में मुरादें लेकर आते हैं। पुजारी जी ने बताया कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान भी एक भी व्यक्ति की मृत्यु इस गांव में नहीं हुई है। गांव में सभी लोग कोरोनावायरस से सुरक्षित है, बालाजी की कृपा से इस गांव में कोरोना नहीं आया है।

ऊबली के बालाजी (Ubali Ka Balaji) आस पास के झुंझुनू के इलाकों में भगवान जी और कुलदेवता के रूप में भी पूजे जाते हैं। जिले की बात करे तो बड़े बड़े नेता जैसे सांसद शीशराम जी ओला और स्थानीय विधायक शिवनाथ जी गिल आदि के झड़ुले (बाल) यहाँ अर्पित किये गए थे। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार झड़ुले की परम्परा में अपने इष्ट देव को अपने बच्चो के बाल अर्पित किये जाते है।

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