बिना कोचिंग की मदद से “सेना के जवान ” की बेटी ने 28 वी रैंक लाकर बनी आईएएस अधिकारी…..

हर एक व्यक्ति के जीवन में कोई ना कोई सपने होते हैं जिसे पूरा करने के लिए वह प्रयास करता है लेकिन कुछ व्यक्तियों के सपने पूरे होते हैं तो कुछ व्यक्तियों के नहीं लेकिन कुछ हद तक यह निर्भर करता है कि वह व्यक्ति किस हद तक अपने सपने को हासिल करने के लिए प्रेरित है और किस हद तक वह उसके पीछे कार्य कर रहा है जो व्यक्ति अपने मंजिल तक पहुंचने के लिए सच्चे मन और हृदय के साथ प्रयास करता है उसे एक न एक दिन सफलता अवश्य मिलती है।
आज हम आप सभी लोगों के बीच बात करने वाले हैं चंद्र ज्योति सिंह के बारे में जिन्होंने केवल 22 साल की उम्र में ही 28 वी रैंक लाकर आईएएस ऑफिसर बनी और यूपीएसएसएससी कठिन परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया उन्हीं के माता-पिता दोनों ही आर्मी में है और देश के लिए सेवा कर रहे हैं जिस कारण से वह अलग-अलग शहरों में जाते रहते हैं अपनी पोस्टिंग के चलते और मूल रूप से वह मोहाली चंडीगढ़ के रहने वाली लड़की है। चंद्रज्योति ने घर पर रहकर मेहनत के साथ सेल्फ स्टडी की। वो बताती हैं कि सेल्फ स्टडी के लिए उन्होंने इंटरनेट, सोशल मीडिया, एनसीआरटी की किताबों का सहारा लिया। वो कहती है सामान्य अध्ययन के लिए रोज़ाना एक घंटे तक अखबार भी पढ़ती थीं।

चंद्र ज्योति सिंह को बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनने का जुनून सवार था और परिवार से भी सभी लोग पढ़े लिखे होने के कारण उनका बेस भी स्ट्रांग था। जिसकी वजह से कभी भी उनके परिवार वालों ने उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोका और वह जो करना चाहती तूने उसको एक करने का मौका दिया उनके परिवार वालों ने बेटी के सपने को पंक्ति और बेटी ने उन्हें साकार कर दिखाया और अपने माता-पिता को गौरवान्वित महसूस कराया चंद्र ज्योति ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन प्राप्त की और उसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू कर दी और आज मुकाम तक पहुंच गई हैं।

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