बैंक में “गार्ड की नौकरी” के साथ-साथ शुरू करी सहजन की खेती ,बनाया कमाई का नया जरिया

आज के युग में खेती को अपना करियर बनाना बहुत ही ज्यादा दूर की बात हो चुकी है क्योंकि ज्यादातर युवक शहर की और जाकर नौकरी करना पसंद करते हैं, क्योंकि खेती में इतना ज्यादा प्रॉफिट नहीं होता और ना ही कोई कैरियर बना सकता है ऐसी मानसिकता लोगों में आ चुकी है लेकिन इस मानसिकता को बदल दिखाया इस युवक ने जिन्होंने बैंक में गार्ड की नौकरी करने के साथ-साथ सहजन की खेती भी करी और उसको अपने कमाई का नया जरिया बनाया।

संजय हथवाणी ने लोगों के लिए एक एग्जांपल सेट करके दिखाया है संजय आज सुपर फूड सहजन की खेती करते हैं। मूल रूप से वह अपने पिता के कामकाज में हाथ बंटाने के लिए खेती किया करते हैं और सहजन की खेती से हर्बल पाउडर बनाकर संजय लोगों के काफी ज्यादा फायदेमंद तरीके से मदद कर रहे हैं और अपने देसी तरीके से कई सारी जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से काफी दवाइयां भी बनाते हैं।

आज भी ऐसी कई वनस्पतियाँ हैं जिन्हें दवाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें नीम, आंवला और एलोवेरा जैसी वनस्पति शामिल हैं। लेकिन इन्हीं के साथ एक और वनस्पति भी आती है जिसे सुपर फूड या सहजन के नाम से पुकारा जाता है। सहजन का लोग सब्जी के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं वहीं इसके पत्ते भी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है।

आज इसी लाभदायक वनस्पति की खेती गुजरात के रहने वाले संजय हथवाणी भी कर रहे हैं। संजय एक किसान परिवार से जुड़े हुए हैं। संजय के पिता भी खेती बाड़ी करते हैं। वहीं संजय एक बैंक में गार्ड की नौकरी भी करते हैं इसी नौकरी के साथ साथ संजय अपने पिता की खेती में मदद भी करते हैं।

संजय एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं उन्होंने बचपन से ही खेती होते हुए देखी है इसीलिए उनकी रूचि नौकरी के साथ-साथ खेती में भी है बैंक में गार्ड की नौकरी करने से पहले संजय खेती ही किया करते थे और एक आयुर्वेदिक फैक्ट्री में पार्ट टाइम काम किया करते थे वहां से कुछ प्रोडक्ट का निर्माण कार्य देखकर उन्होंने उन्हें खुद घर पर बनाकर अपने गांव में बेचने की शुरुआत करें जो कि काफी ज्यादा सफलतापूर्वक रही।

शुरुआत के समय में संजय ने सिर्फ तीन मोरिंग यानी सहजन के पौधे लगाए थे लेकिन अब यही पौधे उन्हें मुनाफे का सौदा दे रहे हैं संजय ने 10 बीघा जमीन पर अपना एक फॉर्म शुरू किया है और उसकी मदद से लाखों और लोगों की मदद कर रहे हैं इसके साथ ही कुछ लोगों को रोजगार भी दिया है उन्होंने।

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