भारतीय सेना की वह टीम, जिसके जवान टैंक भी चलाएंगे, मिसाइल भी दागेंगे और रफाल भी उड़ाएंगे, चीन-पाकिस्तान के उड़ा देंगे होश

भारतीय सेना की वीरता की गाथा किसी से छिपी नहीं है। समय-समय पर पूरी दुनिया ने भारतीय सेना की बहादुरी देखी है। आने वाले समय में भारतीय सेना और भी ताकत और ताकत के साथ तैयार होने वाली है। अगले डेढ़ से दो महीने के भीतर सेना एक शानदार समूह बनाने की तैयारी कर रही है, जो जरूरत पड़ने पर हर संभव स्थिति के लिए तैयार रहेगा।

 

इस समूह के जवान किसी भी आदेश पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे। दरअसल, भारतीय सेना सैनिकों का एक ऐसा समूह बनाने की तैयारी कर रही है, जो एक आदेश पर तोपों, टैंकों और हेलीकॉप्टरों से युद्ध की स्थिति में हर स्थिति के लिए तैयार रहेगा। भारतीय सेना IBG यानी इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप बनाने की तैयारी कर रही है।

 

चीन और पाकिस्तान पर भारी पड़ेगी सिर्फ 10 हजार सैनिक

आईबीजी बनने के बाद भारत की युद्ध रणनीति में काफी बदलाव आएगा। एकीकृत युद्ध समूह में 8 से 10 हजार पुरुष शामिल होंगे। वे हर हाल में सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे। इस समूह के पास हेलीकॉप्टर, टैंक और तोप जैसे हथियार होंगे। फिलहाल इन सभी के लिए सेना में अलग-अलग रेजीमेंट हैं, लेकिन इन सभी का संचालन आईबीजी के जवान करेंगे। इस समूह के साथ भारत अमेरिका जैसी महाशक्ति के बराबर हो जाएगा और यह समूह ही चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी दुश्मन देशों की सेनाओं पर भारी पड़ेगा।

 

कैसे होंगे ये बदलाव?

भारतीय सेना आईबीजी बनाने की तैयारी में है। प्रत्येक एकीकृत युद्ध दल में 8 से 10 हजार सैनिक होंगे। इस ग्रुप के जवान हेलिकॉप्टर, तोप, टैंक, सिग्नल सिस्टम और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे। भारतीय सेना ने 2 साल पहले खुद को आधुनिक युद्ध के लिए तैयार करना शुरू किया था, आईबीजी का प्रक्षेपण उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

 

इस समय क्या व्यवस्था है?

सेना के पास वर्तमान में युद्ध जैसी स्थितियों के लिए सबसे बड़ा संगठन कोर है, जो कई डिवीजनों में विभाजित है। इस डिवीजन में कई ब्रिगेड होते हैं और ब्रिगेड में कई बटालियन होते हैं। जिस तरह टैंकों के लिए अलग रेजीमेंट होती है, उसी तरह सिग्नल के लिए भी अलग रेजीमेंट होती है। भारतीय सेना के पास हेलीकॉप्टरों के लिए भी एक अलग विंग है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सेना के पास वर्तमान में कुल 40 डिवीजन हैं, जिनमें से 3 सशस्त्र यानी टैंक और 2 आर्टिलरी यानी आर्टिलरी डिवीजन हैं।

 

युद्ध जैसी स्थिति में मजबूत होगी भारतीय सेना

वर्तमान प्रणाली में, जब युद्ध की स्थिति होती है, विभिन्न रेजिमेंटों को इकट्ठा किया जाता है और थोड़ी लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसमें भी समय लगता है। लेकिन एक बार आईबीजी यानी इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप बन जाने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। आह्वान पर युवा जुटेंगे।

 

उत्तरी और पूर्वी सीमा पर आईबीजी का गठन

भारतीय सेना दो एकीकृत युद्ध समूह बनाने जा रही है। ये युद्ध दल उत्तर और पूर्व में बनाए जाएंगे। उत्तर में समूह पाकिस्तान या चीन के साथ युद्ध की स्थिति में तैयार रहेगा। चीन से खतरे को देखते हुए पूर्वी सीमा पर भी आईबीजी का गठन किया जाएगा। कहा जा रहा है कि भारतीय सेना के तीनों अंगों में अगले कुछ महीनों में बड़े बदलाव होने वाले हैं। अमेरिका और चीन की तरह भारतीय सेनाएं भी थिएटर कमांड फ्रेमवर्क पर काम कर सकती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण होगा।

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