भारत के सबसे ज्यादा “धनवान व्यक्ति” जिनसे पौराणिक काल में अंग्रेज और भाषा भी दिया करते थे कर्ज…

दोस्तों आप सभी लोगों को पता होगी कि ब्रिटिश शासन से पहले हमारा देश “सोने की चिड़िया” के नाम से जाना जाता था जिसकी वजह से यहां के अमीर राजा व रजवाड़े जिन के खजाने के भंडार हमेशा भरे रहते थे जनता में भी गरीबी नहीं थी। लेकिन दोस्तों ब्रिटिश काल से पहले के ऐसे कई अन्य राज आए हैं जिनके बारे में भारत के लोग अभी भी नहीं जानते हैं। अगर हम इतिहास के पन्नों को पलट कर देखेंगे तो उसमें ऐसे बहुत से खास व्यक्तियों के बारे में जानकारी मिलेगा जिनके बारे में शायद आप लोग नहीं जानते हैं। इतिहास अपने आप में एक रहसमय चीज है. जिसके अंदर अनेकों रहस्य में बातें छुपी हुई है। जो सदियों से लेखकों की किताबों में ही बंद है क्योंकि लोगों ने उसे पढ़ना तो मानो बंद ही कर रखा है।

आज कल के ज्यादातर नौजवान युवक और युवतियां इन सब बातों में रुचि नहीं रखते हैं। आज हम सभी लोगों को एक ऐसे ही घरआने के बारे में बताने वाले हैं। जिसका उदय 1700 s में हुआ था। यह ब्रिटिश काल के भारत का सबसे धनवान घराना था। यह एक ऐसा घराना था। इनसे अंग्रेज तक मदद लेने के लिए आते थे पैसों के मामले में।

अभी तक आप लोगों ने केवल यही बातें सुनी होंगी लोगों से कि अंग्रेजों ने केवल भारत के ऊपर हुकूमत ही चलाई है और उन्होंने कभी भी किसी भी व्यक्ति के आगे अपना सिर नहीं झुकाया। हमेशा लोगों पर राज किया है लेकिन आज हम आपको बता देते है कि यह सही नहीं है। अंग्रेजों के समय में भारत में ऐसे शख्स थे जिनके आगे अंग्रेजों तक ने सर झुकाया था वाह थे बंगाल के मुर्शिदाबाद के जगत सेठ (Jagat Seth) ! जिनको Jagat Seth of Murshidabad भी कहा जाता है।

उन्होंने हमारे देश में पैसों के लेन-देन, टैक्स वसूली, इत्यादि को सरल बनाया था। उस समय इनके पास इतनी धन सम्पदा व रुतबा था कि वे मुग़ल सल्तनत तथा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से डायरेक्ट लेन-देन किया करते थे और जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता भी करते। चलिए आपको इनके बारे में विस्तार से बताते हैं।

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