भगवान राम ने माता सीता को “मुंह दिखाई” में दिया था यह तोहफा , सच्चाई जानोगे तो रह जाओगे हैरान….

भारत देश अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और यह बात आप सभी लोगों को हम पूर्ण रूप से पता होगी क्योंकि भारत में धार्मिक मान्यता है काफी है और पौराणिक कार्य के काफी मंदिर मौजूद है जहां पर लोगों की धार्मिक मान्यताएं और आस्था जुड़ी हुई है लेकिन आज हम आप सभी लोगों को रामायण से जुड़े एक ऐसे तथ्य के बारे में बताने वाले हैं जिसके बारे में शायद ही आप लोगों को पहले कभी पता होगा क्योंकि भारत देश में रामायण के बारे में लगभग हर एक व्यक्ति जानता है लेकिन पूरी कथा के बारे में केवल कुछ लोगों को पता है और उन्हें भी संपूर्ण रूप से जानकारी नहीं है लेकिन हम अपने विश्वास मन सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार आज आप सभी लोगों को इसके बारे में बताने वाले हैं जिसके बारे में शायरी आपने पहले कभी कल्पना की होगी।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं उसके बारे में.जी दरअसल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और इस बात को सभी जानते हैं. ऐसे में रामायण में भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह के बारे में एक बहुत ही रोचक प्रसंग मिलता है. कहा जाता है रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम और माता सीता की पहली मुलाकात एक वाटिका में हुई थी और माता सीता गौरी माता की पूजा के लिए फूल चुननें गयी थी, वहीं भगवान श्रीराम अपने गुरु विश्वामित्र के लिए फूल लेने गए हुए थे. कहते हैं वाटिका में दोनों ने पहली बार एक दुसरे को देखा और एक दुसरे को देखते ही दोनों मोहित हो जाते हैं. वहीं माता सीता श्रीराम को देखकर मन ही मन उन्हें पसंद करनें लगती हैं और वह उन्हें अपने पति के रूप में पानें के लिए माता गौरी से आराधना भी करनें लगती हैं. उसके बाद माता सीता की प्रार्थना माता गौरी द्वारा स्वीकार हो जाती है और माता सीता को श्रीराम पति के रूप में मिल जाते हैं.

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