लोग उड़ाते थे मजाक “सफाई कर्मी” का, लेकिन “लेफ्टिनेंट बन “बेटे ने दिलाया सम्मान समाज में …

यह बात आप सभी लोगों को पता होगी कि सफलता भी केवल उसे शख्स के भाग्य में होती है जो कि कभी मेहनत करना नहीं छोड़ता और आजकल के युग में नौजवान बच्चे ज्यादातर मेहनत करने से कतराते हैं लेकिन फिर भी कई ऐसे नौजवान हैं। जो कभी भी अपने जीवन में मेहनत करने से नहीं कतराते और अपनी मेहनत के दम पर वह कर दिखाते हैं जो कि लोगों के लिए प्रेरणा और इतिहास बन जाता है। आज हम आप सभी लोगों को एक ऐसे ही युवक की कहानी सुनाने वाले हैं जिसका लोग मजाक उड़ाया करते थे क्योंकि वह सफाई करने था लेकिन उसने अपने बेटे को इस प्रकार की शिक्षा प्रदान करें कि उसने उसका इतना ऊंचा नाम किया कि सभी लोगों की बोलती बंद हो गई और आज वहां इज्जत के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहा है और लोगों को उनके जीवन में हमेशा मिसाल के रूप में जाना जाता है।

कौन हैं आर्मी ऑर्डिेनेंस कॉर्प्स सुजीत

21 साल के सुजीत उत्तर प्रदेश में चंदौली जिले के बसीला गांव के रहने वाले हैं. उनकी शुरूआती पढ़ाई चंदौली में ही हुई, लेकिन गांव में अच्छा स्कूल ना होने के कारण वो अपने पिता ब्रजेंद्र के साथ वाराणसी आकर रहने लगे. वाराणसी में वो अपने पिता, छोटा भाई और बहनों के साथ रहते हैं.

वहीं, सुजीत की मां एक आशा कार्यकर्ता हैं और वो गांव में ही रहती हैं. पिता की इच्छा थी कि बच्चे अच्छी पढ़ाई करें तो वो वाराणसी आ गए. उनके पिता चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिला सकें. वो कहते हैं कि बच्चों की पढ़ाई के लिए वो कुछ भी करने को तैयार है. फिलहाल सुजीत के पिता वाराणसी में सफाईकर्मी के तौर पर काम करते हैं.

सुजीत की तरह सफल होना चाहते हैं भाई-बहन

सुजीत के पिता सभी बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं. वो कहते हैं कि बच्चे जितना पढ़ना चाहें मैं दिन-रात एक करके उनकी पढ़ाई करवाऊंगा. बच्चे अपने करियर में सफल होंगे तो परिवार के साथ साथ देश का भी नाम रोशन करेंगे. छोटे भाई-बहनों के लिए सुजीत प्रेरणास्त्रोत हैं। उनके भाई-बहन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. उनका छोटा भाई आईआईटी में पढ़कर इंजीनियर बनना चाहता है. वहीं, दोनों बहनों में से एक डॉक्टर और दूसरी आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं।

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