शहीद भाई की कमी शादी में ना खले, इसलिए “100 कमांडो” ने निभाया ,बहन की शादी में “भाई का फर्ज”

वैसे इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि हर एक बहन की यही इच्छा होती है कि शादी में उसका भाई उसके साथ हो और उसके साथ खड़ा होकर उसकी हौसला अफजाई करें और उसे बिल्कुल अकेला ना महसूस करने दें, क्योंकि बहन और भाई का रिश्ता ही कुछ इस प्रकार का होता है कि वहां लड़ते झगड़ते तो बहुत है लेकिन उनमें प्यार भी उतना ही होता है। लेकिन आज हम आप सभी लोगों को शशि कला निराला की शादी के बारे में बताने वाले हैं। जो कि आजकल सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग उनकी खूब ज्यादा तारीफ भी कर रहे हैं।

हमारे देश के सुपर कमांडो ने एक ऐसे काम की है जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है और सभी लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। हमारी भारतीय सेना के 100 गरुड़ कमांडो शामिल हैं, जो की शादी समारोह में पहुंचे हैं. इन कमांडो शशिकला की शादी शाही शादी बन गई, इसके अलावा शशिकला ने अपने इकलौते भाई ज्योति प्रकाश निराला को याद नहीं किया, क्योंकि भारतीय सेना के 100 गरुड़ कमांडो ने नवविवाहित दुल्हन को अपनी सगी बहन बना दिया।कृपया अलविदा कह दिया।

भारत देश के इन कमांडो ने सिर्फ शादी में शिरकत नहीं करेंगी बल्कि बड़ी धूमधाम से अपनी बहन की शादी की पूरी रस्मों को भी निभाया दुल्हन के हर कदम पर भारत के सेना के 100 गरुड़ कमांडो ने अपना हाथ और समर्थन दिया और हर उस रेशम को पूरा किया जो कि एक शादी में होती है। इसके साथ ही शहीद ज्योति प्रकाश निराला के साथ ही 100 करोड़ कमांडो ने जिस तरीके से शशि कला के शादी को कितना खुशनुमा बना दिया उसकी सराहना पूरा भारत देश कर रहा है और हर एक व्यक्ति को उन पर गर्व है।

हम आप सभी लोगों को बताना चाहते हैं कि बिहार में पिछले 3 जून को एक ऐसा ऐतिहासिक समारोह हुआ जिसकी चर्चा आज भी पूरे भारत में हो रही है। लोग उसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं इससे पहले ऐसा अद्भुत करिश्मा और नजारा कभी नहीं देखने को मिला और ना ही कभी कोई कल्पना कर सकता था। जिसने दुल्हन की शादी में भाई के एक नहीं दो नहीं बल्कि 10 नहीं ,बल्कि 100 से अधिक युवा साथी शामिल हुए और शादी समारोह को एक ऐसा भावमय समारोह बना दिया।

जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। शशि कला को अपने इकलौते भाई की याद ना आ जाए इसलिए कमांडो के इन जवान ने एक साथ एकत्रित होकर अपनी बहन की शादी में शामिल हुए उन्हें उनके भाई की कमी बिल्कुल भी नहीं खलने दी और हर वह उस रसस्म को अदा किया जिसकी जरूरत शादी में होती है।

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