शादी के केवल 10 महीने बाद ही हो गए थे अलग, लेकिन जब मुलाकात हुई 72 साल बाद तो कुछ यूं थे हाल

भारत देश में शादी के बंधन को बहुत ज्यादा पवित्र माना जाता है लेकिन आजकल आजकल देश में ऐसा देखा जा रहा है ज्यादातर लोग शादी के बाद तलाक ले लेते हैं और यह चलन बहुत तेजी से भारत में प्रचलित होता जा रहा है जिसके चलते बहुत से परिवार आहत हो रहे हैं और उनके पारिवारिक संबंधों में खटास पैदा होती जा रही है और यह हाल पूरे देश का ही है मानो हर जिले में कई लगे हैं ऐसे के सुनने को मिलते ही रहते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कहानी सुनाने वाले हैं जिसके बारे में आप कभी सोच भी नहीं सकते।

नम्बीआरऔर शारदा की शादी सन 1964 के उस दौर में हुई थी जब आजादी की लड़ाई पूरे देश में चरम सीमा पर थी और कंबू भाई किसान विद्रोह आंदोलन बहुत तेजी से चल रहा था उस वक्त नम्बीआर की आयु मात्र 18 वर्ष थी और शारदा की आयु मात्र 13 वर्ष की थी अभी दोनों की शादी को मात्र साल भर भी नहीं हुआ था कि दिसंबर 30 के दिन इस किसान विद्रोह के लिए उन्हें जाना पड़ा और उनके पिता और गांव के अन्य सभी किसानों ने वहां के जमींदार के घर के बाहर जंगल लगा दिया वह लोग रात होते ही उस घर पर हमला करने वाले थे पर अंग्रेज सरकार ने उनके इरादों का पहले ही अनुमान लगा लिया और मालाबार स्पेशल पुलिस को कम भाई किसान संगठन के लोगों के घेराव के लिए भेज दिया गया।

उस वक्त उन्हें लगा कि उनके पति की मृत्यु हो गई है उस आंदोलन में उस घटना के बाद शारदा का दूसरा विवाह करा दिया गया वहीं नारायण ने भी किसी और से विवाह कर लिया बस जब 72 वर्ष बाद उनकी भतीजी संध्या और उनके भाई ने दोनों को पुनः मिलने का प्रयास किया तो वह मंजर देखने योग्य था कुछ दिनों के बाद जीत के बाद आखिरकार सन 2018 में 24 दिसंबर के दिन 72 साल पहले बिछड़ा गया यह जोड़ा मिला और दोनों की आंखें नम हो गई शारदा और नारायण ने परिवार के मुताबिक यह एक बहुत भावुक मिलन था जहां बातें कम और भावनाएं ज्यादा थी और दोनों एक दूसरे की और बहुत देर तक देखते रहे बिना कुछ कहे और उन लम्हों को याद करते रहे।

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