सीडीएस बिपिन रावत के गम के बीच उनकी भतीजी बनी “नेशनल चैंपियन” शूटिंग में, समर्पित किए “आठ गोल्ड मेडल” अपने बुआ-फूफा को

सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के निधन के बाद उनका पूरा परिवार शॉक में है और बेहद दुख भरी घड़ी से गुजर रहा है। वहीं अगर हम बात करें “नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप ” खेल रही उनकी भतीजी के बारे में ,जिनका नाम है “बांधवी “को इसी हफ्ते गुरुवार तक इसकी खबर नहीं दी गई थी। इसके पीछे खास वजह थी। चैंपियनशिप खेल रहे खिलाड़ियों के पास तैयारी के दौरान ना कोई फोन रहता है और ना ही किसी प्रकार का संपर्क करने का साधन।

 बांधवी 64वीं राष्ट्रीय रायफल शूटिंग चैंपियनशिप-2021 खेल रही थीं। गुरुवार को तक उन्होंने इस चैंपियनशिप में आठ गोल्ड मेडल जीते हैं।

इसके बाद बांधवी सिंह को बुआ और फूफा के निधन की खबर दी गई है। बांधवी सिंह ने 64वीं राष्ट्रीय रायफल शूटिंग चैंपियनशिप में नेशनल चैंपियन बनी हैं। वह गुरुवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में 4 गोल्ड मेडल जीती थीं। गेम संपन्न होने के बाद माधवी सिंह को घटना की जानकारी दी गई थी। खबर सुनते ही वह भावुक हो गई। 21 साल की बांधवी की आंखों से आंसू निकल आए।

मेडल जीतने के बाद बात बांधवी सिंह को खेल विभाग और सेना के प्रभारी की मदद द्वारा दिल्ली भेजा गया और उसके बाद ही वहां अंतिम संस्कार में शामिल हो सके। जीत के बाद बांधवी सिंह ने यह गोल्ड मेडल अपनी बुआ और फूफा को संपूर्ण रूप से समर्पित करा। इसी के साथ उन्हें अपनी जीत का असली हकदार बताया। बांधवी सिंह ने 4 मेडल टीम में और 4 मेडल व्यक्तिगत स्पर्धा में जीते जो कि एक काबिले तारीफ बात है। उन्हें बचपन से ही खेल का काफी शौक था जिसकी वजह से वह अन्य प्रकार के खेलों में भाग लेती रहती थी।

बांधवी सिंह भोपाल स्थित शूटिंग अकादमी की छात्रा हैं। वह मधुलिका रावत की सगी भतीजी हैं। वहीं, बांधवी के पिता यशवर्द्धन सिंह पहले ही दिल्ली चले गए थे।

इन्हीं सब बातों के साथ-साथ बांधवी ने सीनियर वर्ग में नेशनल चैंपियन बनी और जूनियर में भी नेशनल रिकॉर्ड बनाया हुआ है। उन्होंने जो कीर्तिमान हासिल कर रहा है उससे भारत के अनेकों लड़कियों को सीख मिलेगी और उन्हें भी अपने जीवन में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा जिस प्रकार से उन्होंने इतनी कम उम्र में इतनी ज्यादा सफलता हासिल करें यह आजकल के नौजवान युवक और युवतियों के लिए प्रेरणादाई है।

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