सुनने की शक्ति नहीं थी, फिर भी हार नहीं मानी जीवन में, बनी IAS ऑफिसर, पहले प्रयास में , अब करती करती विकलांगो की मदद इस तरह

आज हम आप सभी लोगों को एक ऐसी कहानी में रहने वाले हैं जिसे सुनने के बाद आप की भी आंखें नम हो जाएंगी और आपके सोचेंगे कि युवती की परेशानी क्या है आपकी परेशानी तो कुछ भी नहीं तो आइए आज हम आपके साथ हैं। आज हम आप सभी लोगों को एक ऐसी कहानी में सुनाने वाले हैं जिसे सुनने के बाद आप की भी आंखें नम हो जाएंगी और आपके सोचेंगे कि इस युवती की परेशानी के आगे आपकी परेशानी तो कुछ भी नहीं तो आइए आज हम आपके साथ हैं। इस लड़की का नाम है सोनू शर्मा वह मुझसे मिलने वाले हैं उन्होंने सन 2017 में अपने पहले एटेम्पट में ही आईएएस अफसर बन गई।

केवल 16 वर्ष उम्र में ही खो दी थी सुनने की शक्ति

सौम्या केवल 16 वर्ष की थी उस वक्त अचानक एक घटना के चलते उनकी बोलने की शक्ति चली गई और उसके बाद कभी वापस नहीं आ सकती लेकिन सोनिया हमेशा 90 से 95 प्रतिशत तक सुनने की क्षमता होती है। जिस वक्त उनके साथ यह हादसा हुआ के बाद वह उठाते से कई महीनों तक उबर नहीं पाई और उसी सदमे में जीती हुई और बहुत ज्यादा दुखी रहती थी लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने इस बात को स्वीकार करें और यह तय करें कि वह अपने जीवन में हार नहीं मानेंगे और आगे बढ़ेगी और खुद को समझाया कि वह अपने जीवन में अभी बहुत कुछ हासिल कर सकती हैं और उन्हें किसी भी तरीके से इस जीवन को जीना है और अपने सपनों को पूरा करें इसके बाद उन्होंने डॉक्टर की सलाह से हियरिंग हैंड की सहायता से सुनती हैं।

सोने नहीं इतनी बड़ी सफलता अर्जित करने के बाद इस कठिन परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को यह सलाह दी जाएगी उन्हें पढ़ने के साथ-साथ दिखने का विश्व को प्रयास करना चाहिए और अपने नोट सपने आते बनाने चाहिए उनका यह भी कहना है कि अगर आप अपने जीवन में तोप्पेर्स के टच में रहते हैं तो उससे भी आपको काफी हद तक मदद मिलती है उन्होंने कहा कि बेस्ट होगी है जो आप कर सको बस आपको अपने ऊपर भरोसा बनाए रखना होगा।

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