हुई नो एंट्री पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की “दिल्ली” में, लगाए गए सख्त नियम वाहनों पर ………

दिल्ली में जिस प्रकार से प्रदूषण बढ़ रहा है यह दिल्ली के साथ-साथ अन्य कई और क्षेत्रों के लिए भी परेशानी का विषय बन चुका है जब कभी भी दिल्ली में दिवाली या फिर पुराली के जलाने के बाद का हाल देखते हैं तो काफी संदिग्ध माहौल होता है। इन दोनों ही चीजों से इतना ज्यादा प्रदूषण हो जाता है कि जिसके कारण दिल्ली में कई लोगों को कई तरह की बीमारी का सामना भी करना पड़ता है और अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ जाते हैं दिल्ली में धीरे धीरे कर कर प्रदूषण इतना तेज होता जा रहा है कि जिसके प्रति सरकार हर वक्त नए नए नियम बनाती रहती है वह नए नए प्रयोग करती रहती है ताकि किस प्रकार के प्रदूषण को कम किया जा सके इसके लिए दिल्ली सरकार ने अनेकों नियम बनाए हैं और अनेकों बड़े-बड़े कदम उठाए हैं जिसके कुछ मुहिम में तो लोगों ने भी सरकार का साथ दिया है लेकिन कुछ में लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा है। इसके अलावा गोपाल राय ने कहा कि जिन जगहों से दिल्ली सरकार के अधिकतम कर्मचारी आते हैं वहां के लिए बस चलाई जाएंगी. उन्‍होंने

देश की राजधानी दिल्ली में आबोहवा अब सांस लेने लायक भी नहीं बची है लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उसके बाद भी या खराब श्रेणी के अंदर आता है दिल्ली सरकार के द्वारा जारी किए गए नियमों के अनुसार 27 नवंबर से इलेक्ट्रिक और सीएनजी कर्म सिले वाहनों को एंट्री मिलेगी जो कि आवश्यक सेवाओं में लगे हुए हैं इसके अलावा अन्य पेट्रोल और डीजल के कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर 3 दिसंबर तक पाबंदी रहेगी और उन्हें दिल्ली के अंदर एंट्री नहीं मिलेगी दिल्ली कैबिनेट ने प्रदूषण में सुधार को देखते हुए 29 नवंबर से फिर से स्कूल खोलने का फैसला किया है और दिल्ली में एक बार फिर लड़ाई को आगे बढ़ाने का कार्य प्रगति पर किया है।

+