5 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार ,अंतिम प्रयास में बनी “IAS ऑफिसर ” किया सपना पूरा

पुरानी कहावत है कि यदि आपके इरादे मजबूत हो तो एक न एक दिन आप अपनी मंजिल तक अवश्य ही पहुंच जाते हो चाहे फिर आपको अपने जीवन में कितनी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े या फिर आपके कदम कितनी बार भी डगमगाए मंजिल तक पहुंचने के लिए लेकिन आप एक न एक दिन अपनी मंजिल तक अवश्य ही पहुंचते हो और अपने सपने को साकार कर इस दुनिया को दिखा देते हो कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है। आज हम आपको सुनाने वाले हैं आईएएस ऑफिसर नमिता शर्मा की कहानी जिन्होंने पुरानी कहावत को सच कर दिखाया है और अपने सपने को साकार किया।

हमेशा अक्सर यही देखा जाता है कि जब व्यक्ति दो या तीन बार फेल हो जाता है तो उसके बाद वह प्रयास करना छोड़ देता है। लेकिन कुछ वयक्ति ऐसे होते हैं जो कि कभी प्रयास करना नहीं छोड़ते और एक न एक दिन उस कार्य में हमेशा सफल होते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है “नमिता शर्मा” ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल करें और उसके बाद उन्होंने एक अच्छे मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी ज्वाइन करें। लकिन कुल २ साल तक नौकरी करने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनका मन नहीं लग रहा है। इसीलिए उन्होंने वहां से नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया और अपने सपने को पूरा करने के लिए एक बार फिर से यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू कर दी।

लेकिन उन्हें इतनी जल्दी सफलता नहीं मिली और उन्होंने कई असफलताओं के बाद जब मानो हार मान ली थी। लेकिन फिर उन्होंने एक बार फिर से परीक्षा देने का निर्णय लिया और अंतिम बार प्रयास करें और सन 2018 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 145 के साथ आईएएस ऑफिसर बनी और अपने सपने को साकार किया। नमिता शर्मा ने अपने आखिरी प्रयास में अपने सपनों को पूरा किया और लोगों के सामने एक मिसाल खड़ी कर दी। अगर आप की लगन और हिम्मत में दम है तो एक न एक दिन आपको सफलता अवश्य मिलेगी। लाखों नौजवान अभ्यार्थी नमिता से प्रेरणा ले सकते हैं ,कि किस प्रकार कभी अपने जीवन में हार नहीं माननी चाहिए और हमेशा अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत करते रहना चाहिए।

+