कालीचरण महाराज को रात 3:00 बजे किया गया गिरफ्तार, लेकिन समर्थन के लिए सामने आए ” MP “के गृहमंत्री

महाराष्ट्र के रहने वाले कालीचरण महाराज को राष्ट्रपति महात्मा गांधी पर अपशब्द बोलने के मामले में गुरुवार की सुबह सवेरे रायपुर पुलिस ने मध्यप्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार कर लिया और यह मामला देखते ही देखते अब आग पकड़ता जा रहा है। कुछ लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं तो कुछ लोग उनका विरोध कर रहे हैं लेकिन अब देखते ही देखते कालीचरण महाराज भी इस धर्म संसद का हिस्सा बन गए हैं और इनके बचाव के लिए कई साधु संत महाराज ने इस अभियान में हिस्सा ले लिया है।

अभी कुछ ही दिनों पहले कालीचरण महाराज ने धर्म संसद में संबोधन देते हुए महात्मा गांधी के खिलाफ कुछ अपशब्दों का प्रयोग कर दिया था। जिसके बाद से ही लगातार कांग्रेस उन पर सवाल उठा रही थी और उनका यह कहना कि” अच्छा हुआ कि नाथूराम गोडसे ने गांधी को मार दिया था” इसके बाद से ही कांग्रेस के सभी विधायक और बड़े नेता उनके ऊपर आग बबूला हो गए और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने लगे लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने अपने फैसले में इस को सही ठहराया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

हम आप सभी लोगों को स्पष्ट रूप से बता देना चाहते हैं कि “कालीचरण महाराज” को अब अपने इस बयान पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन पर गांधी के ख़िलाफ़ बोलने पर कई जगह केस दर्ज हुए है। उन पर राजद्रोह का केस भी दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद गुरुवार सुबह उन्हें खजुराहो से रायपुर पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था। बाबा की गिरफ़्तारी के बाद से ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारें भी सामने-सामने हो गई है।

उन्होंने अपने भाषण में कुछ और बात भी कही जिसके बारे में हम आप सभी लोगों को बता देते हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्रपति कब्जा करना है और उनका यह मंसूबा हम कामयाब नहीं होने देंगे उन्होंने कहा कि सन 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश को कब्जा किया गया और अब उनके क्या हाल हैं।

हम आप सभी लोगों को बता देना चाहते हैं कि उन पर मूल रूप से राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जिसके बाद से ही उनके समर्थन के लिए कुछ साधु संत सामने आए हैं और कई जगह से उनके खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। तो कहीं कहीं पर उनके समर्थन के लिए लोग आ गए हैं और उनके समर्थन के लिए कई रेलिया भी निकाल रहे हैं।

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