एक छोटे से गांव का लड़का सोमनाथ करेगा अब ISRO के एयरक्राफ्ट का इंजन डिज़ाइन – पढ़े इनकी सच्ची कहानी

पूरे महाराष्ट्र के के लिए यह गर्व का विषय है कि एक छोटे से गांव सरकोली का रहने वाला इंजीनियरिंग छात्र सोमनाथ माली इसरो में बतौर सीनियर वैज्ञानिक चुना गया है। सोमनाथ माली की कहानी आज हम आपको बताने जा रहे है और यह बहुत ही मज़ेदार है। सोमनाथ महाराष्ट्र में सलाहपुर जिले के फंदरपुर तहसील के सरकोली गांव के रहने वाले है। इन्होने एक बार पहले भी btech की डिग्री के साथ यह परीक्षा में बैठे थे लेकिन लिखित परीक्षा यह निकाल नहीं पाए थे।

दूसरी बार जब इन्होने प्रयास किया Mtech की डिग्री के साथ तो इन्होने सफलता को पा लिया। 2 जून 2021 का दिन इनके लिए वरह खुशखबरी लेकर आया जिसके यह अभी तक सिर्फ खवाब देख रहे थे। सोमनाथ माली का इस तरह से चुना जाना उन सभी लोगो के लिए भी सवाल खड़े करता है जो आम तौर पर कहते है कि बड़े शहरों में बच्चो को भेजो, छोटे गांव में बच्चे कुछ कमाल नहीं कर सकते।

सोलापुर जिले की एक तहसील के अंतर्गत एक गांव आता है जहा से इन्होने अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई करी है और उसके बात इतना बड़ा खवाब देखा और उसे हासिल भी किया। यह अपने आप में बहुत सारे लोगो के लिए एक मिसाल है। सोमनाथ माली ने अपनी जो प्रारम्भिक शिक्षा थी वोह अपने गांव के स्कूल से ही पूरी करी थी। KVP कॉलेज पंढरपुर में यह गए 11th की पढ़ाई के लिए उससे पहले यह अपने गांव के प्राइमरी स्कूल में ही पढ़ते रहे थे।

उसके बाद इन्होने दसवीं की परीक्षा अपने ही गांव के दूसरे स्कूल से उतरीं करी और फिर यह सपना देखा। IIT दिल्ली में जब यह चुने गए थे तब यह पूरे देश में #916 आये थे। यह एक मैकेनिकल डिज़ाइनर बनना चाहते थे। IIT दिल्ली में जाकर इन्होने यह चुना की वह एयरक्राफ्ट इंजन डिज़ाइन करना चाहेंगे। और उसके बाद अपने सपनो को यह हकीकत से जोड़ने के लिए बड़ी मेहनत से जुट गए।

एक छोटे गांव का बच्चा जब इतने बड़े पद पर पहुँचता है, तो न सिर्फ वह अपने गांव का नाम रोशन करता है बल्कि, अपने जिले, अपने प्रदेश का नाम भी रोशन करता है और साथ ही एक बहुत बड़ा सन्देश देता है कि भारत के किसी भी छोटे से शहर में रहने वाला कोई भी बच्चा कितना भी बड़ा ख्वाब देख सकता है अगर उस खवाब को पूरा करने की कोशिश करे। वो ख्वाब जिसे पूरा करने की हर संभव कोशिश करे तो कोई ऐसा खवाब नहीं जिसे पूरा न किया जा सके।

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