यूपी : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा गाय को किया जाना चाहिए राष्ट्रीय पशु घोषित

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार (1 सितंबर, 2021) को कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और उन सभी को जो इसे नुकसान पहुंचये दंडित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और मौलिक अधिकार सिर्फ गोमांस खाने वालों का नहीं, बल्कि उनका भी है जो गाय को पूजते हैं, और उस पर आर्थिक सहायता क लिए निर्भर हैं।

इलाहबाद हाई कोर्ट ने की गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग

यूपी गोहत्या अधिनियम के तहत दर्ज एक व्यक्ति की जमानत याचिका को खारिज करते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने बुधवार को केंद्र सरकार से “गायों की सुरक्षा” के लिए संसद में एक विधेयक लाने और “गाय संरक्षण को हिंदुओं का मौलिक अधिकार के रूप में घोषित करने का आग्रह किया”।

जस्टिस यादव ने केंद्र सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की भी सलाह दी। न्यायमूर्ति यादव ने कहा, “परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और गायों की सुरक्षा हिंदुओं का मौलिक अधिकार होना चाहिए क्योंकि हम जानते हैं कि जब देश की संस्कृति और आस्था को चोट लगती है, तो देश कमजोर हो जाता है।”

न्यायमूर्ति ने कहा की जब भी हम संस्कृति भूलते हैं तो देश को ठेस पहुँचती है

यह दावा करते हुए कि “भारत में बहुसंख्यक मुसलमान गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं”, न्यायमूर्ति यादव ने कहा, “गोरक्षा भारतीय संस्कृति का पर्याय है, यह एक धर्म तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां रहने वाले सभी नागरिकों द्वारा किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति यादव ने अपने आदेश में कहा “हर बार जब हम अपनी संस्कृति के बारे में भूल गए, विदेशियों ने हम पर हमला किया और हमें गुलाम बना लिया, और अगर आज भी हम सतर्क नहीं हुए, तो तालिबान का अफगानिस्तान पर कब्जा करने का उदाहरण हमारे सामने है और हमें इसे नहीं भूलना चाहिए”।

उन्होंने कहा कि गौ रक्षा विधेयक उन लोगों पर भी सख्त होना चाहिए जो गाय को नुकसान पहुंचाने की बात करते हैं और जो गायों की रक्षा के लिए काम करने का ढोंग करते हैं।

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