मेहनत से मजदूर ने जमा किये एक लाख रूपये, बैग में भरकर चला घर और बैग रस्ते में ही भूल गया

यह कहानी 53 साल के एक मेहनती मजदूर विजय कुमार की है, जिसने दिन रात एक कर एक लाख रुपया इक्कठे किये| पर जब वह मेहनत से कमाए उन रुपयों को घर ले जा रहा था, तो वह उन्हें एक रेलवे स्टेशन पर ही भूल गया| जाने क्या हुआ आगे|

जाने एक मजदूर की कहानी जो एक लाख रुपयों से भरा बैग रास्ते पर भूल गया

यह मजदूर दिल्ली के शकूर बस्ती में रहता है| उन्होंने 30 जून को अपने बैंक खाते से एक लाख रुपया निकले थे और 55 किलो राशन खरीद घर जा रहे थे| उत्तर प्रदेश के खुर्जा स्थित ग्रह नगर जाने के लिए जब वे शिवाजी ब्रिज रेलवे स्टेशन पहुंचे तो बरेली – नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस में जल्दबाज़ी में चढ़ते हुए उन्होंने दो राशन के बैग तो ट्रैन में चढ़ा दिए लेकिन हड़बड़ी में वे रुपयों का बैग वही स्टेशन पर भूल गए |

जानें क्या विजय कुमार को उनका पैसों का बैग वापिस मिला

कहते हैं ना अगर आपकी नियत साफ़ है तो ईश्वर भी आपकी मदद करते हैं, ऐसी हैं प्रेरणात्मक कहानी है ये| जिस समय बैग खोया उस वक़्त दिल्ली पुलिस सिपाही नरेंद्र कुमार उस स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात थे| वह एक लाख रुपयों से भरा बैग ड्यूटी के समय सिपाही नरेंद्र कुमार को मिल गया| जब बैग को लावारिस हालत में बिना मालिक के पाया तो उन्होने बैग को अपने कब्ज़े में ले लिया |

जब सिपाही ने बैग की तलाशी ली तो उन्हें उसके १ लाख रूपये, कुछ रोटियां, पानी की बोतल, चेक बुक आदि मिले | शाम करीब साढ़े छह बजे विजय कुमार फिर से उस स्टेशन पर पहुंचे और अपना बैग खोजने लगे| बैग का पता ना चलने पर जब वे पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने उनसे पूछताछ की और फिर औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें बैग लौटा दिया | विजय कुमार ने पुलिस सिपाही नरेंद्र कुमार का धन्यवाद प्रकट किया और कहा की वे उनके जीवन में एक मसीहा बनकर आये हैं|

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