अगर आप भी शेयर बाजार में पैसा कामना चाहते है तो यह 5 गलतिया कभी भी मत करना

दोस्तों हमारा समाज एक बड़ा ही रूढ़िबद्ध धारणा वाला समाज है। यहाँ हमे बचपन से ही कुछ कर देने के लिए बोलै जाता है, और यह उम्मीद रक्खी जाती है कि देखो जो हमने बोल दिया है वही तुमको करना है। जैसे कि बचपन में कहा जाता है पढ़ाई लिखाई करले और फिर एक जॉब देखले, उसके बाद उसी में ही खुदको बढ़ता जा।

ऐसे ही एक और उदहारण – शेयर बाज़ार में मत आना शेयर बाजार सट्टेबाज़ों का बाजार है, यहाँ पैसे लगाएगा तो सब कुछ खो देगा। ऐसे बहुत सारे ठहराव वाले बयान है जो मैंने भी बचपन में सुने थे और आपको भी कही न कही यह सुनने को मिले होंगे। इस पोस्ट के ज़रिये हम आपको शेयर बाजार कि कुछ जानकारी देंगे जो हो सकता है आपके काम आये। आज हम बात करेंगे विवेक बजाज की जिन्होंने शेयर बाजार में काफी तरक्की करी और दुसरो को भी वही सलाह देते हैं।

विवेक ने चार्टर्ड एकाउंटेंसी करी है और उन्होंने इंदौर से MBA भी किया है जो की अव्वल दर्जे की पढ़ाई मानी जाती है। उसके बाद उनके पिताजी ने कहा की बीटा बॉम्बे चला जा और वही पर कोई काम देख ले फिर वही पर अपनी तरक्की करना। लेकिन विवेक बजाज ठहरे कोलकाता के मारवाड़ी और धंदा करने की आग उनमे फुट फुट कर भरी थी।

उन्होंने सोचा था की वह कोलकाता में ही काम शुरू करेंगे। विवेक बॉम्बे में वास्तु विशेषक थे। वह यह भविष्यवाणी किया करते थे कि कच्चा तेल कहा जायेगा, सोना कहा जायेगा और चांदी कहा जाएगी। उन्होंने सोचा कि वह दुसरो के लिए यह कर रहे है अभी क्यों न वह खुद के लिए करना शुरू करे। फिर वह कोलकाता आगये और सोना चांदी में ट्रेडिंग करने लग गए। उनकी अस्थिर कमाई थी इसीलिए उन्हें पता था कि उनकी शादी तो नहीं होने वाली। 2006 से 2009 तक उनका धंदा बहुत अच्छा बीता क्युकी उस समय सोना चांदी और करेंसी मार्किट सब उचायिया छू रहे थे।

विवेक ने खूब कमाया और अपनी ट्रेडिंग में लगाया भी। इससे उन्हें एक बात समझ आगयी कि अगर वह समाज कि पिछड़ी सोच पर अमल करेंगे तो वह भी पिछड़ जायेंगे और वह ज़िन्दगी में नयी राह नहीं निकाल पाएंगे। 2012 में विवेक बजाज ने सोचा क्यों न शेयर बाजार का धंदा दुसरो को भी सिखाया जाए। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में सिर्फ एक चीज़ तंग करेगी आपको और वो है आपका स्वाभाव। शेयर बाजार एक रहस्य है और यह रहस्य शेयर बाजार के बड़े लोग किसी को बताना नहीं चाहते क्युकी वह इसी से खूब पैसा कमाते है। वह आप लोगो में भ्रम डालते है और कुछ ऐसा सिखाते है जिससे आप गलतिया करने पर मजबूर हो जाये।


वेवक ने ऐसी पांच गलतिया बताई जो आपको शेयर बाजार में पैसा खोने से रोक सकती है या फिर इन गलतियों कि वजह से ही आप पैसा खो सकते है। सबसे पहली गलती जो सब करते है, वोह है कि अपनी चादर से ज्यादा अपना पाँव फैलाना। इसका मतलब है कि आप यहाँ पर उधारी का पैसा लेकर मत आये, आप अगर लोन लेकर आते है तो आपके ऊपर उधारी हो जाती है। शेयर बाजार में सिर्फ अपना पैसा ही लाना चाहिए। दो चार साल तक अपने पैसो से ही टिक कर दिखाए पहले फिर अगर आपको लगे कि आप कर सकते है, तब ही आप लीवरेज ले।

  • दूसरी गलती यह है कि लोग विशेषज्ञों कि राय बहुत लेते है। हमारा तो पडोसी भी हमे राय देता है। हमे सुन्ना सबका है इस बाजार में लेकिन करना अपना है। क्युकी जब तक हम अपना नहीं करेंगे तब तक हम पकड़ नहीं बना पाएंगे।
  • तीसरी गलती लोग करते है कि वह आते तो निवेश करने पर ट्रेडिंग कर लेते है, या फिर इसका उल्टा होता है कि वह आते ट्रेडिंग करने के लिए पर इन्वेस्ट कर लेते है। जैसे कि जब लाल और नीली बत्ती उन्हें आकर्षित कर लेती है तो वह लम्बे समय का निवेश भूल कर ट्रेडिंग करना शुरू करलेते है। जिस वजह से उन्हें काफी घाटा भी होता है।

  • चौथी गलती है कि लोग सोचते है कि सस्ता स्टॉक उन्हें ज्यादा फायदा पंहुचा सकता है। 4 रूपए, 5 रूपए का स्टॉक उन्हें ज्यादा आकर्षित करता है, लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि यह आपको फायदा ही देगा। इसके लिए आपको मार्किट कैपिटलाइजेशन समझना पड़ेगा। आपको कंपनी कि असली कीमत पता करने के बाद ही उसके शेयर्स कि कीमत पर देखना चाहिए।
  • और आखिरी गलती जो लोग शेयर बाजार में करते है, औसत कीमत पर शेयर खरीदना। जैसे कि आपने एक शेयर १०० रूपए का ख़रीदा और फिर वह 80 का होगया, आप उस कंपनी के और शेयर ले लेते है, फिर जब वह 60 हो जाता है तब आप और खरीदते है। यह इसीलिए क्युकी आपको लगता है कि जब अभी आपको सस्ता मिल रहा है और जब इसकी कीमत बढ़ेगी तो आप मोटा पैसा कमाएंगे। पर दोस्तों 99 प्रतिशत ऐसा होता है कि आप उसमे घाटा ही खाते है और आखिरी में उससे पीछा छुड़ा कर चले जाते है। औसत कीमत पर तब लेना चाहिए जब आप उसके लिए लम्बे समय तक निवेश कर रहे हो और आपको उस कंपनी पर यकीन हो कि भविष्य में यह बढ़ेगा।
    तो दोस्तों यह थी पांच ऐसी गलतिया जो हर कोई शेयर बाजार में आकर करता है।
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