अब घर बनाना हुआ आसान, सरिये की कीमतों में आयी है भारी गिरावट

अगर आप भी हाल ही में अपने सपनों का घर बनाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपको खुश कर देगी. यह तो सभी जानते हैं की आजकल घर बनाना कितना मुश्किल हो गया है. पहले तो ज़मीनें ही इतनी महंगी हैं, और ऊपर से घर बनाने का सामान ही इतना महंगा आता है. अगर मोटा मोटा हिसाब भी लगाए तो इन दिनों छोटे से छोटा घर बंनाने के लिए भी 25-30 लाख रूपये चाहिए. ऐसे में कई लोगों का घर बनाने का सपना अधूरा ही रहे जाता है.

अगर बनाना चाहते हैं घर तो बिलकुल देरी ना करें

देश में महंगाई किस प्रकार बढ़ रही है यह तो सभी देख ही रहे हैं. इस लगातार बढ़ती महंगाई से हर कोई ही परेशान हो गया है. कोई भी चीज़ आज के समय में सस्ती नहीं है. और जब बात आती है घर बनाने की तो खासकर पिछले कुछ समय से सीमेंट, ईंट, गिट्टी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की बहुत ही ज़्यादा कमर तोड़ दी है. इस महंगाई के बीच लेकिन एक अच्छी खबर आयी है. कुछ समय से सरिये की कीमतों में भारी गिरावट आई है. और यह उन लोगों के लिए किसी ख़ुशी से कम नहीं है जो घर बनाने का प्लान बना रहे हैं.

कितने की गिरावट आयी है सरिये की कीमत में

दरअसल, इस सीजन में लेबर नहीं मिलने और ठप पड़े निर्माण कार्यों से मांग कम होने से सरिये की कीमतों में नरमी आई है. बार की कीमत में करीब 7000 रुपये प्रति टन का अंतर आया है. वहीं, 6 अंकों का आंकड़ा पार करने वाले बड़े ब्रांडों की कीमत में भी चार से पांच हजार रुपये की कमी आई है. वही, स्थानीय ब्रांड अप्रैल में 82,000 हजार रुपये प्रति टन पर पहुंच गए थे. टाटा और जिंदल जैसे बड़े ब्रांडों ने छह अंकों का आंकड़ा पार कर लिया था. इनकी कीमत करीब एक लाख रुपए प्रति टन तक पहुंच गई थी.

वहीं लोहा इस्पात कारोबारी का कहना है कि गर्मी बहुत है. श्रम उपलब्ध नहीं है, इससे निर्माण कार्य कम हो गया है. खपत कम होने से सरिये की कीमतों में बड़ा अंतर आया है. पिछले महीने की तुलना में स्थानीय ब्रांड में करीब सात हजार रुपये की कमी आई है. इसके अलावा, यहां तक ​​कि जाने-माने ब्रांड, जो छह अंकों का आंकड़ा पार कर चुके हैं, 45,000 रुपये से घटकर 5,000 रुपये प्रति टन हो गए हैं.

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