यू.पी. की अनोखी जेल जहां के कैदी देते हैं इन अपराधों की ऐसी सज़ा की सुनकर आप काँप उठेंगे

आज हम बात करने जा रहे हैं उत्तर प्रदेश की एक ऐसी जेल की जहां के कैदी कुछ घिनोने अपराधों की देते हैं इतनी कड़ी सज़ा की अगर आप सुनेंगे तो आप भी काँप जायेंगे| आज हम बात करने जा रहे हैं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित एक जेल की, जहाँ के कैदियों ने कुछ अपराधों की बहुत कड़ी सज़ा निर्धारित कर रखी है और जब भी कोई इन अपराधों के ज़रिये जेल में सज़ा काटने आता है तो इन अपराधों के लिए वह वह के कैदियों से भी सज़ा पाता है |

यू.पी.के कैदी देते हैं इन कुछ अपराधों की बहुत कठोर सज़ा, जानने के लिए पूरा पढ़िए

यूं तो जो जेल में है वो किसी ना किसी अपराध की सज़ा काट ही रहा है लेकिन इन अपराधियों के भी कुछ उसूल हैं| जब भी कोई इन उसूलों को तोड़कर कुछ घिनोने अपराध कर के जेल में आता है जैसी किसी से दुष्कर्म, छेड़खानी, महिला और बाल अपराध तो ऐसे अपराधियों के जेल में दाखिल होते ही बहुत पीटते हैं| दुष्कर्म के आरोपियों की तो अक्सर इस कदर पिटाई होती है की बात उनकी जान पर आ जाती है और जेल प्रशासन को उन्हें बाकि कैदिओं से बसाहने में पसीने निकल जाते हैं| इसीलिए इनके जेल में आते ही इन्हे कुछ समय मिलेनियम बैरक में रखा जाता है।

कौन-कौन सी सज़ा मिलती हैं?

जो कैदी चोरी, जेब काटने जैसे अपराध करके जेल में आये होते हैं तो उन्हें हत्या, लूट व डकैती जैसे बड़ी वारदात के अंडर ट्रायल या अपराधियों के हाथ-पैर दबाने पड़ते हैं। उन्हें शौचालय में पानी रखना, सफाई करना यह सब काम भी करने पड़ते हैं| और अगर इन आरोपियों से कोई भूल चूक हो जाये तो इनकी जमकर पिटाई भी होती है | बड़े अपराधियों की बात से कोई भी इंकार नहीं कर सकता है |

बड़े आरोपियों के हिस्सों की सफाई और खेती भी इन्हीं के जिम्मे आती है | जेल प्रशासन तो इन कैदियों को काम देते ही हैं, लेकिन बड़े अपराधों में जेल काटने वाले अपने हिस्से का काम भी इन महिला से छेड़छाड़ का अपराध, चोरी व छिनैती के आरोपियों से करवाते हैं। सबको उनका काम समझाया जाता है और समय बंधा जाता है, जो इस समय तक काम करके नहीं दे पाता उसकी जमकर पिटाई की जाती है|

जेल में आराम से रहने के लिए कुछ न कुछ खर्चा तो करना ही पड़ता है और इसका फायदा घर से समृद्ध अपराधी उठाते हैं| वह जेल के दबंग सजायाफ्ता या अंडर ट्रायल को समय-समय से ‘बैठकी’ की रकम देते रहते हैं और आराम से अपनी सज़ा काटते हैं ।

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