यू.पी.: हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय के परिवार ने टीम की जीत का जश्न मनाया

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 05 अगस्त को टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी को 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीता। खिलाड़ी रूपिंदर पाल सिंह का परिवार बटाला में मिली प्रचंड जीत का जश्न मनाते देखा गया| इसी तरह उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में भी खिलाड़ी ललित उपाध्याय के परिवार में ख़ुशी का माहौल था और उन्होंने भी टीम की जीत का जश्न मनाया|

हॉकी प्लेयर ललित उपाध्याय के परिवार ने मनाया बेटे की जीत का जश्न

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीतकर इतिहास रचा| इतिहास रचने के बाद गुरुवार को वाराणसी में ललित उपाध्याय के घर के बाहर जश्न का नजारा देखा। भारतीय टीम ने जर्मनी को 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीता। वाराणसी का बेटा 41 साल बाद देश के लिए पदक लाया इस पर सभी बहुत खुश थे| परिवार, मोहल्ले, पड़ोस, सभी जश्न मना रहे थे| सभी ने ललित के पिता को ढेरों ढेरों बधाइयाँ भी दी |

ललित के माता पिता ने व्यक्त की कुछ इस प्रकार अपनी भावना

ललित उपाध्याय के परिवार ने एक दूसरे को बधाई दी। ललित के पिता सतीश उपाध्याय से जब बात हुई तो उन्होंने कहा, “टीम ने सेमीफाइनल में भी अच्छा खेला था लेकिन आखिरी 15 मिनट में हार गई। इस बार उन्होंने आखिरी क्षण तक फाइटिंग का हुनर ​​दिखाया और कांस्य पदक जीता। हमारा पूरा परिवार बहुत खुश है।”

ललित की मां ने कहा, “आज मैं बहुत खुश हूं। आज मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती । हमने भगवान से प्रार्थना की थी कि हम जीत जाएं।” परिवार के एक अन्य सदस्य ने कहा, “यह एक तनावपूर्ण दिन था। भारत के लिए इसे जीतना वास्तव में महत्वपूर्ण था क्योंकि हमने वर्षों से हॉकी में कोई पदक नहीं जीता था। यह हॉकी में भारत की वापसी है। हमें इस पर गर्व है।” ललित की बहन अंजलि ने कहा कि भारत को दशकों बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतते हुए देखकर बहुत अच्छा लगा। वह इस बात से भी खुश थी कि उसका भाई इस टीम का हिस्सा था।

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