IAS अफसर बनने के बाद भी नहीं भूली अपनी पौराणिक संस्कृति ,लोगों के बीच रहकर करती हैं समस्याओं का समाधान………….

हमेशा हर एक व्यक्ति गई सपना होता है कि वह अपने जीवन में सफलता की सीढ़ी चढ़ी लेकिन उनमें से बहुत कम व्यक्ति ऐसे होते हैं जो सफलता की सीढ़ी चढ़ने के बाद अपने व्यक्तित्व और संस्कृति को नहीं बोलते अन्यथा ज्यादातर लोग शहरी चाल चलन और दिखावे की दुनिया में खो जाते हैं जिसके चलते वह एक अलग ही दुनिया बना लेते हैं आप पर ना तो कोई इंसानियत होती है और ना ही जीवन जीने का कोई सही तरीका लेकिन हम आप सभी लोगों को आईएएस ऑफिसर के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने लोगों को बहुत कुछ करना सिखाया।

UPSC में 403वीं रैंक प्राप्त कर सफलता पाई

मोनिका (IAS Monika Yadav) का जन्म गाँव में होने के कारण इनका पालन-पोषण भी पूरी तरह से ग्रामीण परिवेश में हुआ। इनके पिता का नाम हरफूल सिंह यादव है, जो एक सीनियर आईआरएस है। अपने पिता से ही प्रेरणा लेकर मोनिका भी सिविल सर्विस में जाने का फ़ैसला ली और अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा में 403वीं रैंक प्राप्त कर सफलता पाई।

फिलहाल मोनिका (IAS Monika Yadav) तिर्वा क्षेत्र की DSP के पद पर कार्यरत हैं। मोनिका आपने क्षेत्र के लोगों की शिकायतों को सुनने और उनके समस्याओं को समाधान करने के लिए जानी जाती हैं। मोनिका के इसी कार्य के लिए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मोनिका की शादी भी एक IAS ऑफिसर सुशील यादव से हुई है जो वर्तमान समय में राज समंद में SDM के पद पर कार्यरत है। जब मोनिका ने अपनी बेटी को जन्म दिया था उसी समय की तस्वीर लोगों के बीच काफ़ी वायरल हुई।

उन्होंने अपनी छोटी बेटी की जिम्मेदारी वह भी निभाया इसके साथ ही अपनी नौकरी भी तो पूरी तरीके से निभाई और आज भी लोगों की चहेती ऑफिस में मोनिका हमेशा अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी हुई हैं और हमेशा अपने संस्कृति के लिए बढ़-चढ़कर आ जाते हैं और अनेकों कार्य में भागीदारी रखती हैं

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