जानें कैसे 10 साल प्राइवेट नौकरी करने के बाद अनु कुमारी बनी आईएएस टॉपर, अपनाई यह रणनीति

आज हम आपको बताने जा रहे हैं हरियाणा के सोनीपत जिले की अनु कुमारी की कहानी, जिन्होंने दस वर्ष एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की, और उसके बाद पूरे आत्म विश्वास के साथ संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा लिखी, और अपने दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त कर सभी के लिए एक उदाहरण बन गयी| आपको बता दें की अनु शादीशुदा है और उनका एक बेटा भी है, अपनी सभी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए, उन्होंने अपना सपना भी पूरा किया| आइये जानते हैं, अनु कुमारी की कहानी|

10 साल की प्राइवेट नौकरी, फिर शुरू की यूपीएससी की तैयारी, जानें आईएएस टोपर अनु कुमारी की कहानी

अनु ने हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी ऑनर्स स्नातक, और आईएमटी नागपुर से अपने एमबीए की पढ़ाई पूरी की, और इसके बाद वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगी| दस वर्ष नौकरी करने के बाद उन्होंने यह नौकरी छोड़, यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला लिया| अनु बताती हैं की, “मेरी नौकरी अच्छी थी, लेकिन कोई आंतरिक संतुष्टि नहीं थी। यह सब इतना यांत्रिक हो गया था कि एक समय मैं इसे और नहीं ले सकता था। इसलिए मैंने यह नौकरी छोड़ने और कुछ ऐसा करने का फैसला किया, जिसके माध्यम से मैं समाज में योगदान दे सकूं”|

इसके बाद अनु ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू करने के लिए अपनी कंपनी, अवीवा लाइफ इंश्योरेंस को छोड़ दिया। उन्होंने अपना पहला प्रयास दिया, लेकिन प्रीलिम्स में सिर्फ एक अंक से चूक गई। लेकिन दूसरी बारी में वह पूरी तैयारी के साथ आयीं और यह परीक्षा पास कर ली| अनु बताती हैं, “तकनीकी रूप से यह मेरा दूसरा प्रयास था, लेकिन मैं इसे अपना पहला ही मानती हूं क्योंकि मैं आखिरी बार तैयारी नहीं कर सकी थी। मुझे खुशी है कि मैंने इस बार इसे पास कर लिया है”|

जानें क्यों चुना अनु ने सिविल सर्विसेज को

सिविल सर्विसेज को चुनने के पीछे अनु ने बताया की वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में शामिल होकर महिलाओं और बच्चों के जीवन में बदलाव लाना चाहती हैं। “मैं हरियाणा से आती हूं, जहां हम नियमित रूप से समाज की प्रतिगामी प्रकृति और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हैं। चूंकि मुझे अब यह अद्भुत अवसर मिला है, इसलिए मैं इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहती हूं और महिला सशक्तिकरण पर काम करना चाहती हूं।”

अपने सफलता मंत्र के बारे में पूछे जाने पर, अनु ने कहा की खुद को अपने लक्ष्य के बारे में याद दिलाते रहना चाहिए। “मैंने कोई कोचिंग नहीं ली। मैंने खुद अध्ययन किया और सुनिश्चित किया कि मैं अपना ध्यान न खोऊं”।

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