आतंकियों से मुठभेड़ में रजौरी में शहीद हुआ उत्तर प्रदेश का लाल, रिटायरमेंट में बचे थे सिर्फ छः महीने

जम्मू कश्मीर के राजौरी में गुरुवार को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में मेरठ निवासी सूबेदार राम सिंह शहीद हो गए, लेकिन जाते जाते वे देश को घात पहुँचाने वाले आतंकवादी को ढेर कर गए| उनका पार्थिव शरीर आज उनके ईशापुरम स्थित पैतृक आवास लाया गया। सूबेदार राम सिंह 48 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। वे अभी कुछ समय पहले ही छुट्टी से वापिस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे, और छः महीने बाद उनका रिटायरमेंट होने वाला था|

देश के लिए शहीद होकर सूबेदार राम सिंह ने की अपनी इच्छा पूरी

शहीद सूबेदार राम सिंह के शहीद होने की खबर से सभी सदमे में हैं| उनके घर में सांत्वना देने के लिए आसपास के लोग उपस्थित हैं। जवान राम सिंह का सूरजकुंड में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी बेटी से बात करने पर उन्होंने बताया – ‘पापा 27 जुलाई को एक माह की छुट्‌टी बिताकर जम्मू के लिए रवाना हुए थे। वह कहा करते थे कि उनका सपना है कि देश के लिए शहीद हो जाऊं। पापा ने अपना सपना पूरा कर लिया’।

शहीद राम सिंह के मित्र कैप्टन वीर सिंह रावत ने बताया कि अपने देश के लिए सीने पर गोली खाकर सूबेदार राम सिंह अपनी आखिरी ख्वाहिश पूरी की – ‘उनका सपना हमेशा से भारत माँ की सेवा था, और उसी के लिए वे फ़ौज में शामिल हुए थे| वह अक्सर बताते थे कि देश के लिए कुछ करना चाहता हूं। दुनिया से अलविदा कहने से पहले उन्होंने अपना फर्ज निभाया। वर्दी से किया वादा निभाया और आतंकियों का सामना करते हुए अंतिम सांस ली’।

फरवरी 2022 में होने वाले थे सूबेदार राम सिंह रिटायर

शहीद सूबेदार राम सिंह की 4 बेटियां और 1 बेटा है। उनकी 2 बेटियों की शादी हो चुकी है, और 3 बच्चे अभी पढ़ रहे हैं। उनकी बेटी मीनाक्षी और मनीषा ने कहा अभी 27 जुलाई को पापा एक महीने की छुट्‌टी पूरी करके जम्मू गए थे। पूरे 1 महीने तक हम पापा के साथ रहे। लेकिन पता न था की ये आखिरी मुलाकात होगी| 28 फरवरी 2022 को शहीद सूबेदार राम सिंह देशसेवा के 30 साल पूरे करने वाले थे और इसके बाद वे सेवानिवृत्त होकर घर पर ही रहते, लेकिन वे बीच रास्ते में ही साथ छोड़ गए।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बुधवार रात को आतंकवादियों के साथ सेना के जवानों की मुठभेड़ हुई थी। गुरुवार सुबह तक चले ऑपरेशन में दो आतंकियों को सेना ने मार गिराया था। तीसरे आतंकी के लिए सर्च ऑपरेशन जारी था। इसी दौरान घात लगाकर आतंकी ने बम फेंक दिया, उस वक़्त वहां राम सिंह मौजूद थे, और इसमें वे बुरी तरह से ज़ख़्मी हो गए| डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे शहीद हो गए।

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