जानिए कैमरा के पीछे का फिल्मी दुनिया का सच!

अक्सर फिल्म देखते हुए हम उस फिल्म की कहानी में इतना घुल मिल जाते है की हम जो कोई भी फिल्म देख रहे हो उसी फिल्म की दुनिया में पहुंच जाते हैं लेकिन ज्यादातर लोग यह बात नहीं समझते कि यह मनोरंजन चीजें बनाने में काफी मेहनत लगती है जितना आसान यह काम देखने में लगता है उससे कहीं ज्यादा मुश्किल जाओ असल जिंदगी में है हमें बड़े पर्दे पर और छोटे पर्दे पर सितारों को देखकर लगता है कि नाचना गाना हंसना रोना या फिर अभिनय करना कौन सा पहाड़ तोड़ने बराबर मुश्किल काम है परंतु आज हम आपको फिल्मी दुनिया और किस तरह से या फिल्में बनती हैं उन सब से जुड़ी सारी बातें बताएंगे जिससे आपको पता चलेगा की फिल्में बनाना किसी पहाड़ तोड़ने से भी कम काम नहीं है ।

अक्सर फिल्मों में दिखाए गए दृश्य होते है आर्टिफिशियल!

अक्सर जैसा पर्दे पर दिखाया जाता है वैसा होता नही है यानी की जब फिल्म की शूटिंग हो रही होती है तो कई चीजें उसी प्रकार नहीं होती जिस प्रकार वह फिल्मों में दिखाई जाती हैं कई बार फिल्मों में वीएफएक्स और स्पेशल इफेक्ट्स नाम के कुछ तकनीकों से फिल्म को और खूबसूरत बनाया जाता है शूटिंग प्रोडक्शन स्टेज का हिस्सा है और वीएफएक्स और एडिटिंग पोस्ट प्रोडक्शन का हिस्सा पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान फिल्म को बेहतर से बेहतर और खूबसूरत से खूबसूरत बनाने की पूरी कोशिश की जाती है ताकि दर्शकों को खूब पसंद आए और फिल्म काफी पैसा कमाए ।

किस तरह से होती है शूटिंग?

आपको बता दें कि प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन दोनों ही बहुत ही मुश्किल काम है वही प्रोडक्शन के समय कई बार हम देखते हैं कि शूटिंग के दौरान अभिनेता अभिनेत्री को एक्टिंग करने में तकलीफ होती है तो उस दौरान उनको एक्टिंग करके फिल्म के निर्देशक ही करके दिखाते हैं आप तस्वीरों में भी देख सकते हैं कि किस प्रकार निर्देशक अभिनेता और अभिनेत्री का किरदार निभाते हुए दूसरे कलाकार को समझा रहे हैं कि किस प्रकार से उन्हें इस दृश्य में अर्थिंग करनी है और इस सीन को और भी खूबसूरत बना रहा है आपको बता दें कि जब शूटिंग शुरू होती है तो उससे पहले निर्देशक और कलाकार मिलकर उस सीन को बिना कैमरे के एक बार करके देखते हैं ताकि जब वह कैमरा से सूटिंग करें तो उन्हें एक ही बार में परफेक्ट शॉट मिल जाए ।

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