यू.पी. : पीएम नरेंद्र मोदी ने कम आय वाले परिवारों के लिए लॉन्च की उज्जवला 2.0 एलपीजी कनेक्शन योजना

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महोबा उत्तर प्रदेश में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नए लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन सौंपते हुए उज्ज्वला 2.0 (प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना – पीएमयूवाई) योजना की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान, प्रधान मंत्री ने उज्ज्वला के लाभार्थियों से भी बातचीत की और राष्ट्र को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश में मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए उज्जवला 2.0 लॉन्च किया

उज्ज्वला 2.0 प्रधान मंत्री के एलपीजी तक सार्वभौमिक पहुंच के दृष्टिकोण के अनुरूप है। पीएम मोदी ने महिला लाभार्थियों के साथ बातचीत के दौरान कहा, “लकड़ी के चूल्हे नहीं, बल्कि देश भर के हर घर में एलपीजी स्टोव होने चाहिए।” इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। गरीब परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन प्रदान करने के लिए, सरकार ने 2016 में 5 करोड़ जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए “प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना” (पीएमयूवाई) योजना शुरू की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया था।

योजना का मकसद हर घर एलपीजी पहुँचाना

योजना का लक्ष्य सितंबर, 2019 में पहले ही प्राप्त कर लिया गया था। पीएमयूवाई के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय एलपीजी कवरेज में 01.04.2016 को 61.9% से बढ़कर जनवरी 1.2021 तक 99.5% हो गया है, जब एलपीजी उपभोक्ताओं की कुल संख्या 28.74 करोड़ थी।

वित्त वर्ष 21-22 के केंद्रीय बजट में पीएमयूवाई योजना के तहत एक करोड़ अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन के प्रावधान की घोषणा की गई थी। इन एक करोड़ अतिरिक्त पीएमयूवाई कनेक्शन (उज्ज्वला 2.0 के तहत) का उद्देश्य उन कम आय वाले परिवारों को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना है, जिन्हें पीएमयूवाई के पहले चरण के तहत कवर नहीं किया गया था।

जमा मुक्त एलपीजी कनेक्शन के साथ, उज्ज्वला 2.0 लाभार्थियों को पहली रिफिल और हॉटप्लेट मुफ्त प्रदान करेगी। साथ ही, नामांकन प्रक्रिया के लिए न्यूनतम कागजी कार्रवाई की आवश्यकता होगी। उज्ज्वला 2.0 में प्रवासियों को राशन कार्ड या एड्रेस प्रूफ जमा करने की जरूरत नहीं होगी। ‘पारिवारिक घोषणा’ और ‘पते के प्रमाण’ दोनों के लिए एक स्व-घोषणा पर्याप्त होगी।

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