यू.पी. : किसान का बेटा अपने दृढ़ संकल्प के बल पर बना सेना में अफसर, किया पिता का सिर फक्र से ऊँचा

आज हम आपको बताने जा रहे हैं भारतीय सेना में अफसर पद पर नियुक्त हुए अमन सिंह की कहानी| अमन सिंह का यह संघर्ष सभी के लिए प्रेरणात्मक है, अथवा सभी को इन से सीख लेनी चाहिए की कैसे हमें अपनी मुसीबत की घडी में हार न मानकर जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए, और इन सभी दुःख के बादलों को अपनी मेहनत के दम पर सदा के लिए खत्म कर देना चाहिए|

कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने बनाया अमन को आर्मी में अफसर

भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पासिंग आउट परेड में निकले 341 सैन्य अफसरों में शामिल अमन सिंह मऊ जिले के कोपागंज ब्लॉक के लीलारी भरौली गांव के निवासी हैं। अमन के पिता एक किसान हैं और उनकी माता गृहणी हैं| क्योंकि उनके पिता एक किसान थे इसीलिए घर में आर्थिक तंगी हमेशा रही, पर उनके पिता ने कभी अपने बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी| अमन बचपन से ही होशियार था, इसीलिए पिता ने हर मुमकिन प्रयास किया की वे अपने बेटे को अच्छी शिक्षा प्रदान करें, ताकि आगे चलकर उनका भविष्य उज्वल हो|

अमन ने भी बचपन से ही गांठ बांध ली थी की अपने पिता की मेहनत का क़र्ज़ वे चुका कर रहेंगे| यही दृढ़ संकल्प था की अमन का चयन सैनिक स्कूल में हुआ और फिर कक्षा सात से आगे की पढ़ाई उन्होंने छत्तीसगढ़ स्थित अंबिकापुर सैनिक स्कूल से की| क्योंकि अमन हमेशा से ही पड़ने में काफी तेज़ थे, तो पढ़ाई के दौरान ही वर्ष 2017 में अमन का चयन एनडीए के लिए हुआ।

परिश्रम ने दिलाई अमन को सफलता

मूलरूप से अमन कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के लीलारी भरौली गांव निवासी हैं और उनका एक छोटा भाई भी है जो इस वर्ष इंटर में है| अमन को बचपन से ही सेना में अफसर बनने में रुझान था, और यही चाहत और डरिस निश्चय था, जिसने अमन को इतना रास्ता तय करवा दिया|

वर्ष 2017 में उनका चयन एनडीए में हुआ था। उनकी ट्रेनिंग देहरादून में आई.एम्.ए में चल रही थी, जो अब पूरी हो गयी है। अमन की सफलता पर उनके पिता अरविंद कुमार सिंह और माँ सुनयना सिंह बहुत खुश हैं| गांव के अन्य लोग भी उन्हें जिले का नाम रोशन करने पर ढेरों ढेरों बधाई दे रहे हैं|

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