उत्तर प्रदेश के एक किसान का बेटा बना आईपीएस अफसर, किया पिता का सपना पूरा

आज हम आपको एक ऐसे आईपीएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने इस कोरोना काल में अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ विचार-विमर्श में भी बहुत अच्छा काम किया है। यूपी के बिजनौर के रहने वाले एसपी संजीव त्यागी की शानदार कार्यशैली की हर तरफ तारीफ हो रही है| वैसे संजीव त्यागी यूपी के गाजियाबाद के मोरेटा गांव के रहने वाले हैं|

पिता का सपना पूरा करने के लिए संजीव त्यागी बने IPS अफसर

भारतीय पुलिस सेवा संजीव त्यागी के पिता ईश्वर चंद्र त्यागी एक कामकाजी कृषि किसान थे। संजीव पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर है। संजीव के पिता ईश्वर चंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं। साल 2017 में उनका निधन हो गया है। उन्होंने अपने पांचों बेटों को बहुत कुछ सिखाया है। इतना ही नहीं उसके पास पर्याप्त जमीन भी थी। वह इस जमीन पर खेती करते थे।

मेहनत-मजदूरी करके जो कुछ कमाते थे, अपने बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर देते थे। उनकी मेहनत ने भी रंग लाया। 2010 में उनके बेटे संजीव का चयन आईपीएस सिविल सेवा परीक्षा में हुआ था। इंटरव्यू के दौरान संजीव त्यागी बताते हैं कि उनके पिता का सपना था कि उनका बेटा संजीव के सिलेक्शन के बाद सिविल सर्विस में जाए, मानो उनकी सारी इच्छाएं पूरी हो गई हों|

संजीव त्यागी को उनके प्रशिक्षण के दौरान राजधानी लखनऊ में डीएसपी के पद पर तैनात किया गया है

संजीव त्यागी आगे बताते हैं कि 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव अपने प्रशिक्षण के दौरान राजधानी लखनऊ में डीएसपी के पद पर तैनात थे| उनकी तेजतर्रार कार्यशैली ने सभी को कायल कर दिया। उन्होंने अपराधों को सुलझाने और निगरानी के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचने में विशेषज्ञता हासिल है। फिलहाल संजीव बिजनौर के एसपी हैं। सीएए के दौरान प्रदर्शन के दौरान उन्होंने काफी समझदारी दिखाई। बिजनौर में हिंसा बड़े पैमाने पर हो रही थी, इस समझ के साथ संजीव इसे नियंत्रित करने में कामयाब रहे।

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