चाय बेचने वाले के बेटे ने 82वीं रैंक हासिल कर पास की यूपीएससी परीक्षा, और बना आईएएस अधिकारी

राजस्थान के जैसलमेर जिले के सुमालियाई कस्बे में चाय की दुकान के मालिक कुशल दान एक गौरवान्वित पिता हैं। उनके बेटे देशल ने सिविल सेवा परीक्षा में अपने पहले प्रयास में 82वीं रैंक हासिल की है| 24 वर्षीय देशल ने भारतीय वन सेवा में भी 5वां स्थान हासिल किया है।

चाय वाले के बेटे ने पहले ही प्रयास में पास की यूपीएससी परीक्षा, और बने आईएएस अधिकारी

“मैंने अपने परिवार के लिए कड़ी मेहनत की, जो मुझे विश्वास है कि अब वापस भुगतान कर रहा है। यह मुझे संतुष्टि देगा जब हमारे चाय स्टाल पर लोग मेरे बेटे की कड़ी मेहनत के बारे में बात करेंगे। उसने दूसरों के लिए उदाहरण स्थापित किया है जो औरों को बड़ा बनने में मदद करेंगे और प्रेरणा देंगे। देशल के पिता ने कहा।

यह उनका पहला प्रयास था और देशल ने कहा कि उन्होंने बिना किसी औपचारिक कोचिंग के परीक्षा पास की। देशल दान के बड़े भाई भारतीय नौसेना में थे और अक्सर छोटे भाई को पढ़ाई के बाद भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते थे, यहीं से देशल के मन में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का जुनून पैदा हुआ। जब वे सिविल सेवा की तैयारी करने का सपना देख रहे थे, तब उनके भाई का निधन हो गया। उनकी पोस्टिंग आईएएनएस सिंधुरक्षक सबमरीन में थी।

देशल बताते हैं , “मेरे बड़े भाई, जो भारतीय नौसेना में थे, मेरे लिए एक प्रेरणा थे। मेरे परिवार ने कठिन समय में मेरा समर्थन करना जारी रखा। मेरे पिता ने 1989 से यूनियन चौराहा में कई वर्षों तक चाय बेची”|

परिवार की आर्थिक तंगी के कारण बिना किसी औपचारिक कोचिंग के पास की परीक्षा

IIIT, जबलपुर से बी.टेक स्नातक, देशल ने जैसलमेर से 10 वीं, कोटा से 12 वीं की पढ़ाई पूरी की और अपने दोस्तों के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए नई दिल्ली चले गए। यह देशल की कड़ी मेहनत, लगन, और आत्म विश्वास का ही नतीजा है, की उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी पास कर ली, और सबके लिए एक मिसाल बन गए|

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