यूपी के मेरठ जिले में बनने जा रहा है खेल विश्वविद्यालय

भारत के एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को 2 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता रवि दहिया और मीराबाई चानू को 1.5 करोड़ रुपये और तीन कांस्य पदक विजेता पीवी सिंधु, लवलीना बोरगोहेन और बजरंग पुनिया को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए।

मेरठ में बनने जा रहा है खेल विश्वविद्यालय, दस सालों के लिए अपनाएंगे दो खेल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिन्होंने गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में भारत के टोक्यो ओलंपिक पदक विजेताओं को सम्मानित किया, ने मेरठ में एक खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की, जिसका नाम भारतीय हॉकी के महान मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यूपी सरकार अगले 10 साल के लिए दो गेम अपनाएगी। “दो खेलों को अपनाया जाएगा, उनमें से एक कुश्ती होगी। दूसरे का चयन जल्द ही खेल विभाग द्वारा किया जाएगा, ” उन्होंने कहा राज्य के सभी 75 जिलों के हजारों युवा एथलीटों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

सीएम ने कहा, “हर ग्राम पंचायत में हमने ओपन जिम बनाना शुरू कर दिया है| राज्य सरकार लखनऊ में कुश्ती अकादमी भी बनाएगी।” पूर्व के विपरीत, उन्होंने कहा, जब यूपी सरकार राज्य के ओलंपिक पदक विजेताओं को सम्मानित करते हुए मौद्रिक पुरस्कार देती थी, इस बार उन्होंने प्रत्येक भारतीय ओलंपिक पदक विजेता को पुरस्कार देने का फैसला किया।

राज्य सरकार ने किया टोक्यो ओलंपिक्स के खिलाडियों को सम्मानित

जब राज्य के किसी ने ओलंपिक पदक जीता था, तो यूपी सरकार स्वर्ण पदक के लिए 6 करोड़ रुपये, रजत के लिए 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक के लिए 2 करोड़ रुपये देती थी। इसी तरह टीम गेम्स में हर खिलाड़ी को गोल्ड जीतने पर 3 करोड़ रुपये, सिल्वर के लिए 2 करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज के लिए 1 करोड़ रुपये मिलते थे। हालांकि, खिलाड़ी देश के लिए खेले और अपने नैतिक कर्तव्य को समझते हुए हमने देश के किसी भी खिलाड़ी को दो करोड़ रुपये स्वर्ण पदक जीतने के लिए दो करोड़ रुपये, रजत जीतने के लिए 1.5 करोड़ रुपये और कांस्य पदक के लिए एक करोड़ रुपये देने का फैसला किया।

महिला हॉकी टीम के सदस्य, जिन्होंने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन चौथे स्थान पर रहे, प्रत्येक को 50 लाख रुपये दिए गए। गोल्फर अदिति अशोक और पहलवान दीपक पुनिया, जो अपने-अपने खेलों में चौथे स्थान पर रहे, को भी 50-50 लाख रुपये दिए गए। टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले राज्य के सभी 10 खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 25-25 लाख रुपये दिए गए थे। खिलाड़ियों के कोचों और तकनीकी कर्मचारियों को भी मौद्रिक पुरस्कार दिए गए।

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